सऊदी अरब के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। Akhbar24 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के Hafar al-Batin इलाके में सबसे ज्यादा 21.2 mm बारिश दर्ज की गई है। पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय (MEWA) ने कुल 8 क्षेत्रों के लिए बारिश का डेटा जारी किया है। भारी बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग (NCM) और सिविल डिफेंस ने स्थानीय नागरिकों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के लिए खास चेतावनी जारी की है।

किन इलाकों में कितनी बारिश हुई?

मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, रियाद, मक्का, अल-कासिम, पूर्वी प्रांत समेत 8 अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का असर देखने को मिला है। नीचे दिए गए टेबल में आप देख सकते हैं कि किस इलाके में कितनी बारिश रिकॉर्ड की गई:

इलाका / स्टेशन बारिश (mm में)
Hafar al-Batin (Air Force Base) 21.2
Hafar al-Batin (Local Station) 17.6
Qaisumah Airport 17.6
Al-Quway’iyah (Riyadh) 16.4
Shaqra (Riyadh) 11.9
Al-Khafji 10.2
Bani Saad (Makkah) 8.4
Al-Ahsa 7.1

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या हैं निर्देश?

सिविल डिफेंस और मौसम विभाग ने लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ सख्त नियम जारी किए हैं। जो भारतीय या अन्य प्रवासी इन इलाकों में रहते हैं, उन्हें इनका पालन करना अनिवार्य है।

  • खतरनाक रास्तों से बचें: पानी वाले रास्तों और घाटियों (Wadis) को पार करने की कोशिश बिलकुल न करें और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
  • Emergency नंबर: रियाद, मक्का और पूर्वी प्रांत में रहने वाले लोग आपात स्थिति में 911 पर कॉल करें। बाकी क्षेत्रों के लोग 998 पर संपर्क कर सकते हैं।
  • गाड़ी चलाते समय सावधानी: अगर आपको नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म से मोबाइल पर कोई अलर्ट मिलता है, तो गाड़ी को तुरंत सुरक्षित जगह पर रोक लें और पुल या ऊंची इमारतों से दूर रहें।
  • अफवाहों से बचें: मौसम के बारे में सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और बिना पुष्टि की गई खबरों पर ध्यान न दें।

आने वाले दिनों का मौसम कैसा रहेगा?

राष्ट्रीय मौसम केंद्र (NCM) के मुताबिक, रविवार 15 मार्च 2026 तक गरज के साथ बारिश और अचानक बाढ़ आने की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन तेज हवाओं के कारण धूल उड़ने की संभावना है जिससे रास्तों पर विजिबिलिटी कम हो सकती है। इसके अलावा कुछ जगहों पर ओले गिरने का भी अनुमान लगाया गया है। इस बीच, सिविल डिफेंस मौसम में अचानक होने वाले बदलावों से निपटने के लिए अपनी अर्ली वार्निंग सिस्टम की टेस्टिंग भी लगातार कर रहा है।