सऊदी अरब में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रियाद और पूर्वी प्रांत (Eastern Province) में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे वहां रह रहे आम लोगों और भारतीय प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नेशनल सेंटर ऑफ मेटीरियोलॉजी (NCM) ने तापमान बढ़ने के साथ-साथ तेज और धूल भरी हवाएं चलने की चेतावनी दी है। 10 जून 2026 को रियाद में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिसके कारण मौसम विभाग ने लोगों को बेहद सावधान रहने की सलाह दी है।
रियाद और पूर्वी प्रांत में कैसा रहेगा तापमान और हवा का हाल?
सऊदी अरब के मौसम विभाग के अनुसार, 10 जून 2026 को राजधानी रियाद में दिन का तापमान 45°C (113°F) तक दर्ज किया गया। रात के समय भी तापमान में कोई खास राहत नहीं मिल रही है और यह करीब 36°C (97°F) के आसपास बना हुआ है। दिन के समय हवा की रफ्तार करीब 5.6 किलोमीटर प्रति घंटा और रात में 7.6 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। वहीं, पूर्वी प्रांत में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है, जहां तापमान 38°C से लेकर 40.3°C तक जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही कई इलाकों में चलने वाली धूल भरी आंधी के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो सकती है।
मौसम विभाग (NCM) ने जारी की जरूरी गाइडलाइंस, इन बातों का रखें ध्यान
नेशनल सेंटर ऑफ मेटीरियोलॉजी (NCM) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जून 2026 में सऊदी अरब के कई हिस्सों जैसे रियाद, मक्का, मदीना, जाज़ान, अल-बाहा और तबुक में तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। मौसम विभाग ने प्रवासियों, विशेषकर बाहर काम करने वाले मजदूरों को दोपहर के समय सीधे धूप में जाने से बचने की सलाह दी है। इसके अलावा लोगों को लगातार पानी पीते रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग की तरफ से जारी होने वाले आधिकारिक अपडेट्स को नियमित रूप से फॉलो करने के लिए भी कहा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में 10 जून 2026 को रियाद का अधिकतम तापमान कितना रहा?
रियाद में 10 जून 2026 को दिन का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस (113°F) तक दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस (97°F) रहा।
मौसम विभाग ने धूल भरी आंधी को लेकर क्या चेतावनी दी है?
नेशनल सेंटर ऑफ मेटीरियोलॉजी (NCM) ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के साथ कई इलाकों में धूल भरी आंधी चल सकती है, जिससे सड़कों पर दृश्यता (visibility) कम हो सकती है।
