सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने हज यात्रियों के लिए मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। अराफात में आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से लेकर 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि इस बार हज के दौरान बेहद गर्म मौसम और धूल भरी आंधी का सामना करना पड़ सकता है, जिसके लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

अराफात में मौसम को लेकर क्या है मौसम विभाग का ताजा अनुमान?

राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) के अनुसार, 26 मई 2026 को अराफात में दोपहर के समय तापमान करीब 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे पहले 24 मई को भी अराफात का तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया था, जो उस दिन का सबसे गर्म स्थान रहा था। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्टों के मुताबिक माउंट अराफात पर पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हज सीजन के दौरान मक्का और अन्य पवित्र स्थलों पर धूल भरी गर्म हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने भी एक एडवाइजरी जारी कर इस अवधि के दौरान गर्मी के खतरे को काफी ज्यादा बताया है।

हाजियों की सुरक्षा के लिए सऊदी सरकार ने क्या इंतजाम किए हैं?

भीषण गर्मी को देखते हुए सऊदी अधिकारियों ने इस बार सुरक्षा और राहत के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि हाजियों को कोई परेशानी न हो:

  • बड़ा कूलिंग एरिया: अराफात में छायादार और ठंडी जगहों के क्षेत्रफल को बढ़ाकर 2,72,000 वर्ग मीटर से अधिक कर दिया गया है, जो पिछले सालों की तुलना में पांच गुना ज्यादा है।
  • छाते और पानी का वितरण: हज यात्रियों के बीच लगातार पानी और छाते बांटे जा रहे हैं ताकि वे खुद को सीधे धूप से बचा सकें।
  • दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह: दोपहर के सबसे गर्म घंटों के दौरान तीर्थयात्रियों को सीधे धूप में जाने और खुले स्थानों पर घूमने से बचने की सलाह दी गई है।
  • मेडिकल टीमें मुस्तैद: गर्मी के कारण होने वाली किसी भी बीमारी या आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।

काबा के ऊपर सूर्य के आने पर मौसम विभाग ने क्या स्पष्ट किया?

मौसम विभाग के आधिकारिक प्रवक्ता हुसैन अल कतानी ने स्पष्ट किया है कि 27 मई 2026 को दोपहर के समय सूरज सीधे काबा के ऊपर रहेगा। उन्होंने बताया कि यह एक पूरी तरह से सामान्य और प्राकृतिक खगोलीय घटना है और इससे तापमान में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं होती है। तापमान में होने वाले बदलाव केवल मौसमी और जलवायु कारणों पर निर्भर करते हैं। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऐमन गुलाम ने जानकारी दी कि मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए रडार, सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हज के दौरान अराफात में तापमान बहुत ज्यादा रहने वाला है?

हां, मौसम विभाग के अनुसार हज अवधि के दौरान तापमान 45 डिग्री से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे यह क्षेत्र काफी गर्म रहेगा।

गर्मी से बचने के लिए यात्रियों को क्या सलाह दी गई है?

हज यात्रियों को दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचने, लगातार पानी पीने और बाहर निकलते समय छाते का उपयोग करने की सलाह दी गई है।