अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को आतंकी संगठन की लिस्ट में डाल दिया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की और कहा कि इस कदम से इलाके में शांति और सुरक्षा बढ़ेगी।

अमेरिका ने क्यों लिया यह फैसला और सऊदी का क्या कहना है?

अमेरिकी विदेश विभाग ने 9 मार्च 2026 को सूडानी मुस्लिम ब्रदरहुड (SMB) को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था, जो 16 मार्च 2026 से लागू हो गया। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने बुधवार, 11 मार्च 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत की। प्रिंस फरहान ने कहा कि सऊदी अरब वॉशिंगटन के उन सभी कदमों का समर्थन करता है जो क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

कौन है सूडान का मुस्लिम ब्रदरहुड और इस पर क्या आरोप हैं?

सूडानी मुस्लिम ब्रदरहुड में सूडानी इस्लामिक मूवमेंट (SIM) और उसका सशस्त्र विंग अल-बराह बिन मलिक ब्रिगेड (BBMB) शामिल हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि यह संगठन आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा करता है ताकि सूडान के विवाद को सुलझाने की कोशिशों को नाकाम किया जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संगठन के कई लड़ाकों को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से ट्रेनिंग और मदद मिली है। अमेरिका के अनुसार, इस संगठन ने सूडान की जंग में 20,000 से ज्यादा लड़ाके उतार रखे हैं।

UAE और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही?

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है। UAE के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम हिंसा को रोकने और अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को खत्म करने की कोशिश है। वहीं, सूडान के रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) और पूर्व प्रधानमंत्री अब्दुल्ला हमदोक के संगठन ने भी इस फैसले का समर्थन किया। दूसरी तरफ, SIM के महासचिव अली कारती ने इस फैसले को गलत बताया और कहा कि उनका मूवमेंट सूडान के सामाजिक और राजनीतिक जीवन का हिस्सा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने सूडान के मुस्लिम ब्रदरहुड को कब आतंकी संगठन घोषित किया?

अमेरिकी विदेश विभाग ने 9 मार्च 2026 को इसकी घोषणा की थी और यह फैसला 16 मार्च 2026 से प्रभावी हुआ।

सूडानी मुस्लिम ब्रदरहुड पर क्या आरोप लगे हैं?

इस पर आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा करने और ईरान की IRGC से ट्रेनिंग लेकर क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पहुँचाने के आरोप लगे हैं।