सऊदी अरब की कैबिनेट ने अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया है जिसके तहत सीरिया को आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। 9 जुलाई 2026 को सऊदी विदेश मंत्रालय और कैबिनेट ने इस कदम की सराहना की। यह देश 1979 से इस सूची में शामिल था और अब अमेरिकी प्रशासन ने इसे हटाने की दिशा में आधिकारिक कदम उठाए हैं।

फैसले की पृष्ठभूमि और कारण

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 8 जुलाई 2026 को अंकारा, तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा की थी। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने पुष्टि की कि कांग्रेस को इस निर्णय के बारे में सूचित कर दिया गया है। यह निर्णय सीरिया के नए नेतृत्व, राष्ट्रपति Ahmed al-Sharaa द्वारा आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का समर्थन न करने के ठोस आश्वासनों के बाद लिया गया है।

क्या होगा बदलाव

इस प्रक्रिया में राष्ट्रपति की अधिसूचना के बाद 45 दिन की कांग्रेस समीक्षा अवधि अनिवार्य है। इस बदलाव का उद्देश्य सीरिया में स्थिरता लाना और वहां अंतरराष्ट्रीय व्यापार व निवेश का रास्ता खोलना है। इससे पहले जून 2025 में प्रतिबंधों में ढील और दिसंबर 2025 में सीज़र एक्ट को निरस्त करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प का मानना है कि यह निर्णय सीरियाई लोगों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा जिससे देश फिर से स्थिर हो सकेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.