मदीना की कुबा मस्जिद में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां एक डेढ़ साल की बच्ची को अचानक कार्डियक और रेस्पिरेटरी अरेस्ट आया। इस मुश्किल घड़ी में वहां मौजूद एक सऊदी महिला ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और बच्ची की जान बचा ली। महिला ने अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल कर बच्ची को CPR दिया, जिससे उसकी जान बचने की उम्मीद काफी बढ़ गई।

महिला ने बच्ची की जान कैसे बचाई?

जब बच्ची की सांसें रुक गईं और दिल ने धड़कना बंद कर दिया, तब सऊदी महिला ने बिना समय गंवाए उसकी मदद शुरू की। इस महिला ने Saudi Red Crescent Authority के प्रोग्राम से फर्स्ट एड की ट्रेनिंग ली हुई थी। उन्होंने तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू किया, जिससे एम्बुलेंस टीम के पहुंचने तक बच्ची को सहारा मिला।

अथॉरिटी ने क्या जानकारी दी?

इमरजेंसी टीम के पहुंचने पर तय प्रोटोकॉल के हिसाब से मेडिकल प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद बच्ची की धड़कन वापस आ गई और वह पूरी तरह होश में आ गई। सऊदी रेड क्रेसेंट अथॉरिटी ने बताया कि ऐसी आपातकालीन स्थितियों में शुरुआती कुछ मिनट बहुत कीमती होते हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों का फर्स्ट रिस्पॉन्डर के तौर पर तैयार रहना जान बचाने के लिए बहुत जरूरी है।

Sushma Kumari

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