यमन में बढ़ती गर्मी और बिजली संकट के बीच सऊदी अरब एक बार फिर मदद के लिए आगे आया है। सऊदी अरब और यमन के बीच 150 मिलियन डॉलर का एक बड़ा पेट्रोलियम सप्लाई समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत यमन के बिजली घरों को चलाने के लिए पेट्रोलियम उत्पाद दिए जाएंगे। यह मदद किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर दी जा रही है ताकि वहां के आम लोगों को बिजली की किल्लत से राहत मिल सके।
यमन के 70 से ज्यादा बिजली घरों को मिलेगा ईंधन
इस समझौते के तहत यमन को डीजल और माजूत (mazut) जैसे पेट्रोलियम उत्पाद दिए जाएंगे। इससे यमन के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे 70 से ज्यादा बिजली उत्पादन केंद्रों को ईंधन मिलेगा। सऊदी अरब की इस मदद का उद्देश्य यमन में बिजली सेवाओं को लगातार चालू रखना और वहां के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना है। बढ़ती गर्मी के इस मौसम में बिजली की सप्लाई सुधरने से स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मदद की निगरानी के लिए बनी खास कमेटी
इस सहायता राशि और ईंधन के सही इस्तेमाल के लिए एक मजबूत निगरानी ढांचा तैयार किया गया है। यमन के प्रधानमंत्री के तहत एक विशेष कमेटी बनाई गई है, जो इस बात की निगरानी करेगी कि पेट्रोलियम उत्पाद सीधे बिजली घरों तक पहुंचें। इसके साथ ही, सरकारी तेल कंपनी पेट्रोमसीला (PetroMasila) के कामकाज को बेहतर बनाने और उसकी सेवाओं को जारी रखने के लिए भी एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
सऊदी अरब द्वारा यमन को दी गई पिछली मदद
सऊदी अरब ने यमन की बिजली और ऊर्जा क्षेत्र को सुधारने के लिए पहले भी कई बार बड़ी सहायता प्रदान की है। इसका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| सहायता का वर्ष | मदद की राशि (मिलियन डॉलर में) |
|---|---|
| 2018 | $180 मिलियन |
| 2021 | $422 मिलियन |
| 2022 | $200 मिलियन |
| 2026 | $81.2 मिलियन |
| वर्तमान समझौता | $150 मिलियन |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब और यमन के बीच कितने डॉलर का समझौता हुआ है?
दोनों देशों के बीच 150 मिलियन डॉलर का पेट्रोलियम सप्लाई समझौता हुआ है, जिसका उद्देश्य यमन के बिजली संकट को दूर करना है।
इस पेट्रोलियम सहायता से यमन के कितने बिजली घरों को फायदा होगा?
इस समझौते के तहत मिलने वाले डीजल और माजूत से यमन के 70 से अधिक बिजली उत्पादन केंद्रों (power plants) को ईंधन की आपूर्ति की जाएगी।
