Saudi ZATCA का बड़ा एक्शन: एक हफ्ते में पकड़ीं 1,000 से ज्यादा तस्करी की कोशिशें, नशीले पदार्थ समेत भारी सामान ज़ब्त.

सऊदी अरब की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करते हुए Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। 8 अगस्त 2026 को जारी की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने सिर्फ एक हफ्ते के भीतर देशभर के हवाई, समुद्री और जमीनी सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के 1,059 प्रयासों को नाकाम कर दिया है। यह कार्रवाई सऊदी अरब की सीमाओं को सुरक्षित रखने और समाज को अवैध गतिविधियों से बचाने की प्रतिबद्धता को दिखाती है।
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस एक हफ्ते के दौरान जब्त किए गए सामानों की सूची काफी लंबी है। इसमें 70 तरह के नशीले पदार्थ शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से हशीश, कोकीन, हेरोइन, 'शाबू' और कैप्टागन की गोलियां शामिल हैं। नशीले पदार्थों के अलावा, सुरक्षा बलों ने 328 अन्य प्रतिबंधित पदार्थों को भी बॉर्डर पर पकड़ा है। इसके साथ ही 841 बार तंबाकू और उससे जुड़ी वस्तुओं की तस्करी के मामलों को पकड़ा गया। अधिकारियों ने तस्करी की कोशिशों के दौरान 20 बार भारी मात्रा में वित्तीय नकदी और एक हथियार के साथ उसके एक्सेसरीज भी बरामद किए हैं।
सुरक्षा के लिए आम जनता से सहयोग की अपील
सऊदी अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि वे देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार काम कर रहे हैं। इस मिशन को और मजबूत बनाने के लिए ZATCA ने जनता से भी सहयोग मांगा है। यदि किसी को भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत 1910 सुरक्षा हॉटलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आप [email protected] पर ईमेल कर सकते हैं या अंतरराष्ट्रीय नंबर 009661910 का उपयोग कर सकते हैं।
अथॉरिटी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। साथ ही, यदि दी गई जानकारी के आधार पर तस्करी का मामला पकड़ा जाता है, तो सूचना देने वाले को वित्तीय इनाम भी दिया जाएगा। यह पूरी जानकारी Saudi Press Agency (SPA) द्वारा साझा की गई है। यह सुरक्षा अभियान विशेष रूप से उन प्रवासियों और यात्रियों के लिए एक चेतावनी है जो सऊदी अरब में किसी भी प्रकार का प्रतिबंधित सामान लाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि बॉर्डर पर कड़ी निगरानी के चलते पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई होना तय है।