सऊदी अरब ने हज यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए लाहौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपनी तकनीकी मदद बढ़ा दी है। यह सब ‘मक्का रूट’ पहल के तहत हो रहा है, ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट पर ज्यादा इंतज़ार न करना पड़े। सऊदी डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अथॉरिटी (SDAIA) इस पूरे सिस्टम को संभाल रही है ताकि यात्रियों का अनुभव बेहतर हो सके।

मक्का रूट पहल क्या है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा?

मक्का रूट पहल की शुरुआत साल 2017 में सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने की थी। यह सऊदी विजन 2030 का एक हिस्सा है। इस सिस्टम का मुख्य मकसद हज यात्रियों के लिए सरकारी कागजी कार्रवाई को कम करना है। इसमें कुछ मुख्य सुविधाएं शामिल हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा: वीज़ा की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है।
  • बायोमेट्रिक डेटा: यात्रियों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक डेटा पहले ही ले लिया जाता है।
  • बैगेज मैनेजमेंट: सामान के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत सिस्टम बनाया गया है।

इन सुविधाओं की वजह से यात्रियों को सऊदी अरब पहुँचने के बाद पुराने और लंबे औपचारिकताओं वाले प्रोसेस से नहीं गुज़रना पड़ता और वे सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकते हैं।

लाहौर एयरपोर्ट पर पहली बार क्या खास सुविधा मिल रही है?

हज 2026 के लिए लाहौर के अल्लामा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पहली बार इस मक्का रूट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इस पहल के तहत सीजन की पहली हज फ्लाइट 2 मई 2026 को लाहौर से रवाना हुई थी। इस काम को सफल बनाने के लिए सऊदी हज ऑपरेशंस के डायरेक्टर फुवाज़ सऊद अल शफीरी और लाहौर एयरपोर्ट मैनेजर इरफान खान ने कई बैठकें की थीं। SDAIA इस एयरपोर्ट पर डिजिटल तकनीक और AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही है ताकि यात्रियों की रवानगी बिना किसी रुकावट के हो सके।

किन देशों के यात्री इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं?

सऊदी अरब ने इस सुविधा का दायरा बढ़ाते हुए कई देशों को इसमें जोड़ा है। हज 1447 AH के लिए इन देशों के एयरपोर्ट्स पर यह सिस्टम चालू है:

  • मोरक्को, इंडोनेशिया, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, कोटे डी आइवर और मालदीव।
  • इस बार पहली बार सेनेगल और ब्रुनेई दारुस्सलाम को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है।

इस पूरे डिजिटल काम में STC ग्रुप मुख्य तकनीकी सहयोगी की भूमिका निभा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

SDAIA का मक्का रूट पहल में क्या काम है?

SDAIA यात्रियों की रवानगी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एयरपोर्ट्स पर डिजिटल तकनीक और AI समाधान उपलब्ध करा रही है।

लाहौर से इस पहल के तहत पहली फ्लाइट कब रवाना हुई?

मक्का रूट पहल के तहत लाहौर के अल्लामा इकबाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली हज फ्लाइट 2 मई 2026 को रवाना हुई थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.