गुरुवार 23 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में घबराहट है, जिससे बाजार की शुरुआत खराब रही। BSE Sensex 300 अंक से अधिक गिरकर 76,431.26 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जबकि NSE Nifty 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 23,909.85 पर आ गया।
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तेल की कीमतों में उछाल और बाजार पर असर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। सऊदी अरब के तट के पास एक कमर्शियल टैंकर पर हमले और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरों ने कच्चे तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि यह स्थिति बनी रही तो तेल की कीमतें 100 डॉलर तक जा सकती हैं। इसका सीधा असर भारतीय रुपये पर भी पड़ा है, जो 96.49 के स्तर पर कमजोर खुला है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से लगातार की जा रही बिकवाली भी है। 22 जुलाई 2026 को विदेशी निवेशकों ने 819.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके अलावा, अमेरिका की ओर से जेनेरिक दवाओं पर प्रस्तावित 200 प्रतिशत टैरिफ की खबरों ने फार्मा शेयरों पर भी दबाव बढ़ा दिया है। विश्लेषक विपिन डिक्सेना के अनुसार, बाजार फिलहाल कमजोर स्थिति में है और निवेशकों को अभी संभलकर रहने की जरूरत है।
