पश्चिम एशिया के तनाव और दुनिया भर में मची उथल-पुथल के बीच भारतीय बिजनेस के लिए बड़ी सलाह आई है। पूर्व आरबीआई गवर्नर और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव Shaktikanta Das ने मुंबई में CII समिट के दौरान व्यापारियों को निडर होकर निवेश करने और नए तरीके अपनाने को कहा है। उन्होंने बताया कि यह समय डरने का नहीं बल्कि बड़ी सोच के साथ आगे बढ़ने का है ताकि लंबे समय तक तरक्की मिल सके।

भारतीय कंपनियों के लिए क्या है 7 सूत्रीय रणनीति?

Shaktikanta Das ने बिजनेस को वैश्विक अनिश्चितता से बचाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए सात मुख्य तरीके बताए। उन्होंने कहा कि कंपनियों को अब छोटे बदलावों के बजाय बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाने चाहिए।

क्रम संख्या रणनीति का मुख्य बिंदु
1 संगठनात्मक लचीलापन (Organizational Resilience) बढ़ाना
2 बैलेंस शीट को और मजबूत करना
3 नई सप्लाई चेन (Supply Chains) विकसित करना
4 कर्मचारियों को नए कौशल (Reskilling) सिखाना
5 बाज़ारों का विविधीकरण (Diversify Markets) करना
6 भविष्य की तैयारी के लिए रणनीतिक निवेश करना
7 रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर खर्च बढ़ाना

दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की स्थिति क्या है?

आज के समय में दुनिया में काफी अस्थिरता है, खासकर पश्चिम एशिया के संकट के कारण सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ा है। ऐसे माहौल में Shaktikanta Das ने भारत को एक ‘सेफ एंकर’ बताया है। इसका मतलब है कि दुनिया के अन्य हिस्सों की तुलना में भारत में स्थिरता और विकास की बेहतर संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार सुधारों के मामले में बिल्कुल भी ढील नहीं दे रही है और रिफॉर्म्स का काम जारी रहेगा।

बायो-एनर्जी और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सरकार की तैयारी

बिजनेस के साथ-साथ Das ने ऊर्जा संकट पर भी बात की। उन्होंने बताया कि सरकार के लिए बायो-एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन टॉप प्रायोरिटी पर हैं ताकि बाहरी देशों पर निर्भरता कम हो सके। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अपील की है कि वे विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को बचाने के लिए कुछ सावधानी बरतें। उन्होंने लोगों से विदेशी यात्राएं कम करने और सोने की खरीदारी को कुछ समय के लिए टालने का आग्रह किया है ताकि ईंधन आयात का दबाव कम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Shaktikanta Das ने भारतीय बिजनेस को क्या सलाह दी है?

उन्होंने सलाह दी है कि बिजनेस को पश्चिम एशिया के संकट जैसे वैश्विक चुनौतियों को मौके में बदलना चाहिए और निडर होकर इनोवेशन और रणनीतिक निवेश करना चाहिए।

विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए PM मोदी ने क्या कहा है?

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विदेशी यात्राएं कम करने और सोने की खरीद को टालने की अपील की है ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत रहे और ईंधन आयात का बोझ कम हो।