उत्तर प्रदेश के शामली जिले से धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने इलाके में हलचल मचा दी है। इस मामले में मुख्य युवक आयुष मलिक (अब मोहम्मद अली) ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने 12 साल पहले अपनी इच्छा से इस्लाम अपनाया था और वह किसी भी तरह के दबाव में वापस हिंदू धर्म में नहीं लौटेंगे। इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हैं और जांच तेज़ी से चल रही है।

शामली धर्मांतरण मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

शामली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में कुल 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया है।

आयुष मलिक ने अपने धर्मांतरण को लेकर क्या दावे किए हैं?

शामली के एक प्रमुख दवा कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक ने बताया कि उनका इस्लाम अपनाने का फैसला चांदनी कुरैशी से मिलने से बहुत पहले का था। उन्होंने पाकिस्तानी मौलाना डॉक्टर इसरार अहमद के यूट्यूब वीडियो और इस्लामी शिक्षाओं से प्रभावित होकर यह फैसला लिया था। आयुष के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर और ब्लैकमेल करके धर्म परिवर्तन कराया गया है, लेकिन आयुष ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस अब आयुष के बैंक लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म कब और क्यों अपनाया था?

आयुष मलिक का दावा है कि उन्होंने 12 साल पहले अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म अपनाया था। वह पाकिस्तानी मौलाना डॉक्टर इसरार अहमद के यूट्यूब वीडियो और इस्लामी शिक्षाओं से प्रभावित हुए थे।

इस मामले में पुलिस ने क्या कानूनी कार्रवाई की है?

पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT बनाई है और 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में चांदनी कुरैशी और उनके पिता को गिरफ्तार किया गया है।