देश व्यापी रोड कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सड़क और हाईवे का निर्माण हो रहा है। उत्तर प्रदेश के विकास में नई ऊचाई के लिए योगी सरकार 700 किलोमीटर लंबे गोरखपुर से शामली के बीच एक बड़े एक्सप्रेसवे का निर्माण करने का काम शुरू कर रही है।

एक्सप्रेसवे की खासियत

लखनऊ में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के विकास को देखते हुए बताया कि यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों से जुड़ेगा, बल्कि अन्य राज्यों से भी कनेक्ट होगा।

कनेक्टिविटी और व्यापार

गोरखपुर- शामली एक्सप्रेस-वे पंजाब नार्थ ईस्ट कारिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जिससे पूरे इलाके में रोड कनेक्टिविटी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

 

आने वाले बदलाव

यह एक्सप्रेसवे 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा जिससे उन जिलों में व्यापार और पर्यटन की सम्भावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही यह दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा जिससे यात्रा का समय भी कम होगा।

सारणी: शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे की महत्वपूर्ण जानकारी

क्रमांक विवरण
1 एक्सप्रेसवे की लंबाई: 700 किलोमीटर
2 निर्माण की लागत: 35,000 करोड़ रुपये
3 जिले जो होंगे जुड़े: 22 जिले उत्तर प्रदेश के
4 अन्य से जोड़े जाने वाले एक्सप्रेसवे: दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
5 समाप्ति तिथि: 2024 का अनुमान

इस परियोजना के समाप्त होने पर उत्तर प्रदेश की यातायात व्यवस्था में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने की अपेक्षा है। इसके साथ ही यात्रा का समय भी कम होगा जिससे जनता को आराम मिलेगा।