13 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 इंडेक्स 488.15 पॉइंट (2.06 प्रतिशत) गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ, जो पिछले चार सालों में इसका सबसे खराब हफ्ता रहा। वहीं सेंसेक्स 1,470.50 पॉइंट टूटकर 74,563.92 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस भारी बिकवाली के कारण निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये एक ही दिन में डूब गए और बीएसई का कुल मार्केट कैप घटकर 430 लाख करोड़ रुपये रह गया।

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निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर

आज के दिन मेटल, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। Nifty Metal इंडेक्स 4.5 प्रतिशत तक गिर गया। निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा नुकसान कराने वाली कंपनियों की लिस्ट इस प्रकार है:

कंपनी का नाम क्लोजिंग प्राइस (लगभग) गिरावट
Larsen & Toubro (L&T) 3,434.40 रुपये -7.67%
Hindalco Industries 600.00 रुपये -5.16%
Tata Steel 150.00 रुपये -5.00%
State Bank of India (SBI) 720.00 रुपये -4.00%
JSW Steel 840.00 रुपये -2.35%

बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

एक्सपर्ट्स के अनुसार बाजार में इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ रहा भू-राजनीतिक तनाव है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने की वजह से ग्लोबल ट्रेड पर बुरा असर पड़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FII) ने लगातार 10वें दिन शेयर बाजार से पैसा निकाला है। पिछले 24 घंटे में विदेशी निवेशकों ने 7,049 करोड़ रुपये की बिकवाली की। HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े बैंकों के शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार को नीचे खींचने का काम किया। आईटी सेक्टर में भी लगातार 8वें हफ्ते कमजोरी देखने को मिली।

रुपया पहुंचा रिकॉर्ड निचले स्तर पर

शेयर बाजार की इस गिरावट के बीच भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.46 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये को और गिरने से रोकने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने फॉरेक्स मार्केट में दखल दिया। एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल रिसर्च हेड सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए अब 23,000 से 22,950 का स्तर काफी अहम है। अगर बाजार इसके नीचे जाता है, तो निफ्टी 22,500 तक गिर सकता है। आज बाजार में कोई सर्किट फिल्टर नहीं लगा क्योंकि गिरावट 10 प्रतिशत के दायरे में थी। वहीं Sammaan Capital और SAIL के शेयर अभी भी एनएसई की F&O बैन लिस्ट में शामिल हैं।