शारजाह सिटी म्यूनिसिपलिटी (SCM) ने रिहायशी इलाकों में निजी घरों के बाहर कार पार्किंग शेड लगाने पर सख्ती बढ़ा दी है। नगरपालिका ने साफ तौर पर कहा है कि घर की सीमाओं के बाहर शेड लगाना नियमों के खिलाफ है। इसके लिए निरीक्षण अभियान भी तेज कर दिए गए हैं ताकि अवैध निर्माणों की पहचान की जा सके और उन पर कार्रवाई हो सके। नगरपालिका के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों या फुटपाथों पर कब्जा करना पूरी तरह मना है।

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क्या है पार्किंग शेड को लेकर नियम?

शारजाह नगरपालिका के तकनीकी सेवा विभाग के निदेशक Engineer Khalifa bin Hada Al Suwaidi ने बताया कि विला या घर की दीवार के बाहर, सड़क पर या फुटपाथ पर पार्किंग शेड लगाना सख्त मना है। अगर कोई शेड अपनी निजी जमीन की सीमा से बाहर निकलता है, तो उसे अवैध माना जाएगा। यह नियम इसलिए भी सख्त है क्योंकि बाहर बने शेड अक्सर जमीन के नीचे बिछी पानी की पाइपलाइनों, बिजली के केबलों और टेलीफोन लाइनों में रुकावट पैदा करते हैं।

हालांकि, घर मालिक अपनी बाउंड्री के अंदर शेड लगवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें शारजाह नगरपालिका से एक आधिकारिक परमिट लेना होगा। परमिट के लिए आवेदन करते समय साइट का नक्शा और गाड़ियों की संख्या की जानकारी देनी होती है। नगरपालिका उन निवासियों की मदद भी कर रही है जो अपनी गाड़ियों को घर के अंदर खड़ा करने के लिए पार्किंग की जगह को सही करना चाहते हैं।

नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई?

अगर कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता है, तो नगरपालिका के इंस्पेक्टर सबसे पहले एक चेतावनी जारी करते हैं। अगर मालिक दिए गए समय के अंदर अवैध शेड को नहीं हटाता है, तो नगरपालिका उसे जबरन हटा देगी और इसका पूरा खर्च मालिक से ही वसूला जाएगा।

जुर्माने की बात करें तो यूएई में रिहायशी जमीन पर अवैध निर्माण के लिए कानून काफी सख्त हैं। हालात और उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए यह जुर्माना हजारों दिरहम में हो सकता है। सामान्य पार्किंग उल्लंघन, जैसे कि रास्ता रोकना, पर भी 500 से 1,000 दिरहम तक का जुर्माना लगता है, लेकिन अवैध निर्माण के मामले में राशि काफी ज्यादा हो सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.