संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। 1 जून 2026 को शारजाह की एक रिहायशी इमारत की तीसरी मंजिल की सीढ़ियों वाली खिड़की से गिरने के कारण दो साल के पाकिस्तानी बच्चे मोहम्मद अर्शमान की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और पिता के एक गंभीर दावे के बाद इस हादसे में नया मोड़ आ गया है।

सीसीटीवी फुटेज और पिता का गंभीर आरोप क्या है?

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि हादसे से ठीक पहले दो करीब 10 साल की पड़ोसी लड़कियां बच्चे के साथ कॉरिडोर में खेल रही थीं। बच्चे के पिता का आरोप है कि उनके बेटे को तीसरी मंजिल की सीढ़ी वाली खिड़की से नीचे फेंका गया है। फिलहाल शारजाह पुलिस और बाल संरक्षण विभाग इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और जांच पूरी होने का इंतजार करने को कहा है।

बच्चों को अकेला छोड़ने पर क्या है UAE का कानून?

यूएई में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कानून बेहद सख्त हैं। यूएई के 2016 के बाल संरक्षण कानून के तहत किसी भी बच्चे को बिना देखरेख के अकेले छोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस नियम का उल्लंघन करने पर जेल की सजा या कम से कम 5,000 दिर्हाम (Dh5,000) का जुर्माना लग सकता है। शारजाह नगर पालिका के नियमों के अनुसार, इमारतों में खिड़की का निचला हिस्सा फर्श से कम से कम 120 सेंटीमीटर ऊपर होना चाहिए और खिड़की को केवल 10 सेंटीमीटर तक ही खुलने की अनुमति दी गई है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

बाल सुरक्षा विभाग की ओर से माता-पिता को जरूरी सलाह

शारजाह में परिवार मामलों के सर्वोच्च परिषद के बाल सुरक्षा विभाग ने माता-पिता और देखभाल करने वालों से लगातार सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खिड़कियों और बालकनियों के पास कोई भी फर्नीचर, सोफा या स्टूल न रखें, जिस पर चढ़कर बच्चे ऊपर पहुंच सकें। इसके साथ ही हाल ही में 1 जनवरी 2026 से नया फेडरल डिक्री-कानून नंबर 26 लागू किया गया है, जो बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और माता-पिता की जिम्मेदारियों को तय करता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यूएई में बच्चे को अकेले या बिना देखरेख के छोड़ने पर क्या सजा है?

यूएई के 2016 के बाल संरक्षण कानून के तहत बच्चों को असुरक्षित तरीके से अकेला छोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जेल की सजा या कम से कम 5,000 दिर्हाम का जुर्माना शामिल है।

शारजाह में इमारतों की खिड़कियों के लिए क्या नियम तय हैं?

शारजाह नगर पालिका के नियमों के मुताबिक, खिड़की का निचला हिस्सा फर्श से कम से कम 120 सेंटीमीटर ऊपर होना चाहिए और खिड़की केवल 10 सेंटीमीटर तक ही खुलनी चाहिए।