शारजाह में अब सरकारी काम और भी आसान और तेज होने वाले हैं। शारजाह के क्राउन प्रिंस और डिप्टी रूलर शेख सुल्तान बिन मोहम्मद बिन सुल्तान अल कासिमी ने सरकारी विभागों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाने का बड़ा आदेश दिया है। इस फैसले के बाद शारजाह डिजिटल डिपार्टमेंट को ‘शारजाह एआई असिस्टेंट प्रोग्राम’ शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे आम लोगों को सरकारी सेवाएं बहुत ही आसानी से मिल सकेंगी।

Sharjah AI Assistant Programme क्या है और इसका क्या फायदा होगा?

शारजाह सरकार का मकसद अपनी सरकारी सेवाओं को डिजिटल और पूरी तरह स्मार्ट बनाना है। इस प्रोग्राम के तहत सरकारी कामकाज में AI असिस्टेंट्स को जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी फाइलों का निपटारा जल्दी होगा और लोगों को लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। शारजाह डिजिटल डिपार्टमेंट (SDD) इस काम को पूरा करने के लिए प्राइवेट सेक्टर, अकादमिक संस्थानों और कम्युनिटी के साथ मिलकर काम करेगा। इसके लिए Dell Technologies और DataCanvas International जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी समझौता किया गया है ताकि तकनीक को मजबूत किया जा सके।

पूरे UAE में सरकारी सेवाओं को बदलने की है बड़ी तैयारी

यह फैसला यूएई के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत अगले दो सालों में 50 प्रतिशत सरकारी सेवाओं को पूरी तरह से एआई तकनीक (Agentic AI) पर ट्रांसफर करने का प्लान है। इसकी घोषणा दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने पहले ही कर दी थी। इसके अलावा एआई से जुड़े नीतिगत कामों को देखने के लिए एक विशेष मंत्री परिषद का गठन भी किया गया है जिसके अध्यक्ष शेख मंसूर बिन जायद अल नाहयान हैं। इस नई तकनीक के आने से शारजाह और पूरे यूएई में रहने वाले प्रवासियों (Expats) को भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिलेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शारजाह में सरकारी विभागों में AI लागू करने का आदेश किसने दिया है?

यह आदेश शारजाह के क्राउन प्रिंस और शारजाह कार्यकारी परिषद (SEC) के अध्यक्ष शेख सुल्तान बिन मोहम्मद बिन सुल्तान अल कासिमी ने 2 जून 2026 को जारी किया है।

क्या इस फैसले से आम प्रवासियों को कोई फायदा होगा?

हां, सरकारी विभागों में एआई असिस्टेंट आने से वीजा, लाइसेंस और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेजों के काम बहुत तेजी से पूरे होंगे, जिससे प्रवासियों का समय और पैसा दोनों बचेगा।