शारजाह में रहने वाले लोगों और सरकारी सिस्टम को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। शारजाह कार्यकारी परिषद (SEC) ने मंगलवार को हुई एक बैठक में ‘शारजाह साइबर सुरक्षा रणनीति 2026-2031’ को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। इस बैठक की अध्यक्षता शारजाह के क्राउन प्रिंस और SEC के चेयरमैन शेख सुल्तान बिन मोहम्मद बिन सुल्तान अल कासिमी ने की। इस नई रणनीति का सीधा असर सरकारी सेवाओं की सुरक्षा और आम जनता की सुरक्षा पर पड़ेगा।

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बैठक में कौन-कौन से मुख्य लोग शामिल हुए?

यह महत्वपूर्ण बैठक शासक के कार्यालय (Ruler’s Office) में आयोजित की गई थी। बैठक में शारजाह के डिप्टी रूलर और SEC के वाइस चेयरमैन हिज हाइनेस शेख सुल्तान बिन अहमद बिन सुल्तान अल कासिमी भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान परिषद ने उन प्रमुख सरकारी नीतियों की समीक्षा की जो आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और एक मजबूत सरकारी सिस्टम के तहत सबसे अच्छी और तेज सेवाएं प्रदान करने के लिए लागू की जा रही हैं।

शारजाह साइबर सुरक्षा रणनीति का मुख्य काम क्या है?

इस नई रणनीति को शारजाह साइबर सुरक्षा केंद्र (SCSC) के प्रयासों के तहत तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पूरे शारजाह में सूचना और साइबर सुरक्षा के लिए एक मजबूत और सुरक्षित ढांचा तैयार करना है। इसके साथ ही, आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी ताकि ऑनलाइन फ्रॉड और डेटा चोरी के मामलों को रोका जा सके। यह रणनीति साल 2026 से 2031 तक के लिए लागू रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शारजाह साइबर सुरक्षा रणनीति कब तक के लिए मंजूर की गई है?

यह नई साइबर सुरक्षा रणनीति साल 2026 से लेकर साल 2031 तक के लिए मंजूर की गई है।

इस रणनीति को किस विभाग के सहयोग से लागू किया जा रहा है?

इस रणनीति को मुख्य रूप से शारजाह साइबर सुरक्षा केंद्र (SCSC) के प्रयासों से लागू किया जा रहा है।