शारजाह में ईद अल-अधा को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शारजाह इस्लामिक अफेयर्स विभाग ने इस बार ईद की नमाज़ के लिए पूरे अमीरात में 698 मस्जिदों को तैयार किया है। इस बार प्रशासन ने सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है कि ईद की नमाज़ केवल मस्जिदों के अंदर ही पढ़ी जाएगी और खुले मैदानों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को समय पर मस्जिद पहुंचने की सलाह दी गई है ताकि वे आसानी से नमाज़ में शामिल हो सकें।
शारजाह के अलग-अलग इलाकों में नमाज़ का समय क्या है
इस्लामिक अफेयर्स विभाग ने शारजाह के विभिन्न शहरों और क्षेत्रों के लिए नमाज़ का समय निर्धारित कर दिया है। लोगों की सुविधा के लिए समय इस प्रकार रखा गया है ताकि किसी को परेशानी न हो:
- शारजाह शहर, अल हमरिया, अल मदाम और मलीहा: सुबह 5:45 बजे
- अल धैद और अल बतेह: सुबह 5:44 बजे
- पूर्वी क्षेत्र (खोर फक्कन, कलबा और दिब्बा अल हिस्न): सुबह 5:42 बजे
विभाग ने मस्जिदों में साफ-सफाई, तकनीकी जांच और साउंड सिस्टम की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है ताकि नमाज़ के दौरान किसी भी तरह की रुकावट न आए।
प्रवासियों के लिए भाषाओं को लेकर की गई विशेष व्यवस्था
शारजाह में रहने वाले भारतीय और अन्य देशों के प्रवासियों के लिए एक राहत की खबर है। विभाग ने जानकारी दी है कि 90 से अधिक मस्जिदों में ईद के उपदेश यानी खुतबा अरबी के अलावा अन्य भाषाओं में भी दिए जाएंगे। इनमें उर्दू, मलयालम, तमिल और अंग्रेजी भाषा शामिल हैं। इस व्यवस्था से बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासियों को अपनी भाषा में ईद का संदेश समझने में मदद मिलेगी।
खुले मैदानों में नमाज़ न होने का नियम क्यों लागू हुआ
शारजाह इस्लामिक अफेयर्स विभाग के अध्यक्ष अब्दुल्ला खलीफा यारूफ अल सुबूसी ने बताया कि विभाग लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देता है। स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नमाज़ केवल मस्जिदों के अंदर ही आयोजित होगी। इससे पहले ईद अल-फितर के दौरान भी इसी नियम का पालन किया गया था और 693 मस्जिदों में ही नमाज़ आयोजित की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए शारजाह पुलिस और शारजाह नगर पालिका मिलकर काम कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शारजाह में ईद अल-अधा 2026 की नमाज़ कब होगी?
शारजाह में ईद अल-अधा की नमाज़ बुधवार, 27 मई 2026 को होगी, जबकि अराफ़ात का दिन मंगलवार, 26 मई 2026 को है।
क्या शारजाह में खुले मैदानों में नमाज़ होगी?
नहीं, स्वीकृत सुरक्षा नियमों के अनुसार नमाज़ केवल मस्जिदों के अंदर ही होगी। खुले प्रार्थना स्थलों (मुसल्ला) का उपयोग नहीं किया जाएगा।
क्या गैर-अरबी भाषी लोगों के लिए कोई विशेष व्यवस्था है?
हाँ, 90 से अधिक मस्जिदों में उर्दू, मलयालम, तमिल और अंग्रेजी भाषाओं में उपदेश दिए जाएंगे ताकि प्रवासी आसानी से इसे समझ सकें।