शारजाह सरकार ने ओमान के साथ व्यापारिक रिश्तों और माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब ओमान से आने वाले मालवाहक ट्रकों को शारजाह में टोल गेट फीस देने से पूरी तरह छूट दे दी गई है। यह कदम दोनों देशों के बीच बने नए लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है जिससे सामानों का आयात-निर्यात तेज और सस्ता हो सके।

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किन बॉर्डर और रास्तों से आने वाले ट्रकों को मिलेगी टोल टैक्स से छूट?

यह छूट ओमान से आने वाले सभी ट्रकों को बिना किसी नियम के नहीं मिलेगी। इसके लिए कुछ खास शर्तें रखी गई हैं:

  • यह छूट केवल उन्हीं ट्रकों को मिलेगी जो तय किए गए लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूट पर चलेंगे।
  • ट्रकों को खतमल मलाहा (Khatmat Malaha) और अल मदाम (Al Madam) बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए शारजाह में एंट्री करनी होगी।
  • सामान ले जा रहे ट्रकों का इस विशेष योजना के तहत तय रास्तों पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।

इस फैसले से व्यापार और कंपनियों को क्या फायदा होगा?

यह पहल शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री ज़ोन्स अथॉरिटी और शारजाह रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के बीच एक साझा कोशिश का नतीजा है। इस फैसले से कंपनियों और ग्राहकों के लिए माल ढुलाई की लागत काफी कम हो जाएगी। इस कॉरिडोर के तहत शारजाह के पोर्ट खालिद से ओमान के सोहार पोर्ट, दुक्म पोर्ट और सलालाह पोर्ट को आपस में जोड़ा गया है। इसके अलावा बॉर्डर पर कस्टम की प्रक्रिया को तेज करने और डायरेक्ट क्लीयरेंस की सुविधा भी दी जा रही है ताकि ट्रकों का समय बच सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शारजाह और ओमान के बीच टोल छूट कब से प्रभावी हुई है?

यह टोल छूट मई 2026 के आखिरी हफ्ते में घोषित की गई है, जबकि इस एकीकृत लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर का संचालन 14 मई 2026 से ही शुरू हो चुका है।

इस योजना के तहत कौन से मुख्य बॉर्डर क्रॉसिंग शामिल हैं?

इस योजना के तहत ओमान से आने वाले ट्रकों के लिए खतमल मलाहा और अल मदाम बॉर्डर क्रॉसिंग को शामिल किया गया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com