Sharjah के Al Jawaher Reception and Convention Centre में Friends of Cancer Patients (FOCP) ने 300 कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए इफ्तार का आयोजन किया। 12 मार्च 2026 को हुए इस कार्यक्रम का मकसद मरीजों को रमजान के महीने में एक साथ लाना और सामाजिक सहयोग देना था। यह पहल UAE के ‘Year of the Family’ के लक्ष्यों से जुड़ी हुई है, जिसका उद्देश्य समाज में एकजुटता बनाए रखना है।

इफ्तार और Zakat कैंपेन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस साल FOCP का मुख्य फोकस मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य पर है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 40 प्रतिशत मरीज लंबे इलाज के दौरान मनोवैज्ञानिक दबाव महसूस करते हैं। इस तरह के सामूहिक इफ्तार से उनका अकेलापन दूर करने में मदद मिलती है। इसके अलावा ‘Family of Giving’ Zakat कैंपेन के तहत जुटाए गए फंड का इस्तेमाल सीधे मरीजों की कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी के लिए किया जाएगा। Sharjah की पर्मानेंट फतवा कमिटी ने निर्देश दिए हैं कि जकात का पैसा केवल ऐसे मरीजों के इलाज पर खर्च हो जो इसका खर्च नहीं उठा सकते।

आम लोग कैसे कर सकते हैं मदद?

UAE के निवासी और संस्थाएं इस नेक काम में अपना योगदान दे सकते हैं। दान करने के लिए कई आसान विकल्प तय किए गए हैं:

  • Sharjah Cooperative Society के अलग-अलग ब्रांच में 10 AED, 50 AED और 100 AED के Zakat कूपन उपलब्ध हैं।
  • FOCP की आधिकारिक वेबसाइट और YallaGive के जरिए ऑनलाइन मदद भेजी जा सकती है।
  • e& नेटवर्क के जरिए SMS भेजकर भी डोनेशन किया जा सकता है।

FOCP की डायरेक्टर आयशा अब्दुल्ला अल मुल्ला ने कहा कि रमजान में दिया गया दान मरीजों की आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों को कम करने में ठोस मदद पहुंचाता है।

मरीजों को मिल रही अन्य सुविधाएं

मरीजों और उनके परिवारों को इफ्तार के अलावा अन्य जरूरी मदद भी दी जा रही है। UAE Food Bank और Esaad Card Centre के सहयोग से लोगों को ‘Meer Ramadan’ फूड बॉक्स बांटे जा रहे हैं। साथ ही इलाज करवा रहे बच्चों के लिए स्थानीय मॉल्स में ‘Kiswat Al Eid’ यानी ईद के कपड़ों का भी इंतजाम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन पहलों से मरीजों को यह महसूस होता है कि इस मुश्किल सफर में वे अकेले नहीं हैं और पूरा समाज उनके साथ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.