शारजाह इस्लामिक अफेयर्स विभाग (SDIA) ने रमजान के पवित्र महीने के पहले आधे हिस्से के लिए अपने कामकाज का ब्यौरा जारी किया है। विभाग ने बताया कि अमीरात भर की मस्जिदों में लगभग 14,850 धार्मिक पाठ और व्याख्यान आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता बढ़ाना और इस्लामी मूल्यों को मजबूत करना था। इसके साथ ही सरकारी और डिजिटल माध्यमों से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

क्या रहे इस बार के प्रमुख आंकड़े?

विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मस्जिदों में हजारों कार्यक्रमों के अलावा सरकारी संस्थानों में भी 40 विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। डिजिटल दुनिया में भी विभाग पीछे नहीं रहा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 30 जागरूकता वीडियो और उपदेश प्रसारित किए।

लोगों के मन में उठने वाले धार्मिक सवालों के जवाब देने के लिए फतवा केंद्र भी सक्रिय रहा। टोल-फ्री नंबर 8001441 के जरिए जनता से करीब 1,850 सवाल पूछे गए, जिनका समाधान विभाग ने किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती मांग को देखते हुए और भी जागरूकता वीडियो जारी किए गए हैं।

प्रवासियों और इफ्तार के लिए क्या है खास इंतजाम?

शारजाह में बड़ी संख्या में विदेशी लोग रहते हैं, इसलिए भाषा का भी खास ध्यान रखा गया है। विभाग ने 95 ऐसी मस्जिदें तय की हैं जहां अरबी के अलावा दूसरी भाषाओं में कार्यक्रम होते हैं। इसमें अंग्रेजी, उर्दू और मलयालम जैसी भाषाएं शामिल हैं ताकि भारतीय और अन्य प्रवासी भी इसका लाभ ले सकें।

इफ्तार के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। अमीरात में 400 इफ्तार स्थानों को आधिकारिक मंजूरी दी गई है। खाने की सुरक्षा, सफाई और बर्तनों के सही इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। विभाग की टीमें लगातार इन जगहों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि मस्जिदों की पवित्रता और लोगों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.