यूएई के शारजाह में एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है जहां अल नहदा इलाके में अकेले भटक रहे एक मूक ऑटिस्टिक बच्चे को स्थानीय लोगों और पुलिस की मुस्तैदी से कुछ ही घंटों के भीतर उसके परिवार से सुरक्षित मिला दिया गया। सोशल मीडिया पर बच्चे की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और मंगलवार सुबह बच्चे को माता-पिता को सौंप दिया गया। इस घटना में स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया ने बड़ी भूमिका निभाई है।
कैसे शुरू हुई बच्चे की तलाश और लोगों ने कैसे की मदद
शारजाह के अल नहदा इलाके में सोमवार रात को एक मूक ऑटिस्टिक बच्चा अकेला घूमता हुआ पाया गया। बच्चे को अकेला देखकर स्थानीय निवासियों ने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की और उसे तुरंत बिल्डिंग सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। चूंकि बच्चा बोल नहीं सकता था, इसलिए लोगों ने उसकी पहचान करने के लिए व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप्स में उसकी फोटो और जानकारी साझा कर दी। यह मैसेज पूरे यूएई में तेजी से फैल गया जिससे लोगों को सचेत होने में मदद मिली।
शारजाह पुलिस की त्वरित कार्रवाई और माता-पिता को सख्त निर्देश
स्थानीय सुरक्षाकर्मियों और पड़ोसियों ने इसके बाद बच्चे को शारजाह पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार सुबह तक बच्चे के माता-पिता का पता लगा लिया और उसे सुरक्षित उन्हें सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने माता-पिता से एक अंडरटेकिंग यानी शपथ पत्र भी साइन करवाया है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बच्चा अकेले घर से बाहर कैसे निकला और इस दौरान पुलिस ने जनता के सहयोग की सराहना भी की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह घटना शारजाह के किस इलाके में हुई?
यह घटना शारजाह के अल नहदा (Al Nahda) इलाके में हुई, जहां सोमवार रात को एक मूक ऑटिस्टिक बच्चा अकेला भटकता हुआ मिला था।
पुलिस ने बच्चे को सौंपने के बाद माता-पिता से क्या करवाया?
शारजाह पुलिस ने बच्चे को माता-पिता को सौंपने के बाद उनसे एक शपथ पत्र (Undertaking) साइन करवाया है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
