शारजाह के शासक शेख डॉ सुल्तान बिन मोहम्मद अल कासिमी ने emirate में ड्रोन चलाने के लिए एक नया कानून लागू किया है। 22 जून 2026 को जारी इस कानून का मकसद ड्रोन के इस्तेमाल को सुरक्षित बनाना और आसमान की निगरानी को बेहतर करना है। यह नियम शारजाह के सभी इलाकों, फ्री जोन और स्पेशल जोन में रहने वाले आम लोगों और कंपनियों पर लागू होगा।
ड्रोन उड़ाने के नए नियम और शर्तें
- रजिस्ट्रेशन जरूरी: अब हर छोटा-बड़ा ड्रोन रजिस्टर कराना होगा, चाहे वह मनोरंजन के लिए हो या किसी बिजनेस के लिए।
- परमिट की प्रक्रिया: ड्रोन उड़ाने के लिए परमिट लेना अनिवार्य होगा। सिक्योरिटी क्लियरेंस मिलने में 3 से 4 हफ्ते का समय लग सकता है। 5 किलो से कम वजन वाले ड्रोन का परमिट 2 साल के लिए वैध होगा।
- ऊंचाई और दूरी का नियम: ड्रोन को सिर्फ दिन के उजाले में और अपनी नजर के सामने ही उड़ाना होगा। इसकी ऊंचाई जमीन से 400 फीट (करीब 122 मीटर) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
- एयरपोर्ट से दूरी: किसी भी एयरपोर्ट, हेलीपोर्ट या कंट्रोल जोन से कम से कम 5 किलोमीटर की दूरी बनाए रखनी होगी।
इन बातों का रखना होगा खास ख्याल
- ड्रॉप मैकेनिज्म पर रोक: बिना अनुमति के ड्रोन में किसी भी चीज को गिराने या छोड़ने वाला सिस्टम लगाना सख्त मना है।
- बीमा और ट्रेनिंग: कमर्शियल ड्रोन चलाने वालों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना जरूरी होगा। साथ ही, यूजर को GCAA से मान्यता प्राप्त एकेडमी से ट्रेनिंग लेनी होगी।
- उम्र की सीमा: 25 किलो से ज्यादा वजन वाले ड्रोन चलाने के लिए उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए।
- पुराने सर्टिफिकेट बेकार: 6 जनवरी 2025 से पहले जारी किए गए सभी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अब मान्य नहीं रहेंगे। सभी ऑपरेटर्स को नए सिस्टम के तहत दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
शारजाह सिविल एविएशन डिपार्टमेंट इन नियमों की निगरानी करेगा और एक ड्रोन मैप तैयार करेगा जिससे पता चलेगा कि किन इलाकों में ड्रोन उड़ाना मना है। इस कानून का सख्ती से पालन कराने और नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी शारजाह पुलिस की होगी।
