संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह में रमजान की शुरुआत पर एक नई और बेहद खूबसूरत मस्जिद का उद्घाटन किया गया है। अल धैद (Al Dhaid) क्षेत्र में बनी ‘Al Nasr Mosque’ अपनी बनावट को लेकर चर्चा में है। शारजाह के उप शासक शेख सुल्तान बिन अहमद अल कासिमी ने इसका उद्घाटन किया और यहां मगरिब की पहली नमाज अदा की। यह मस्जिद एक गुमनाम दानदाता के सहयोग से बनाई गई है।

क्या है इस नई मस्जिद की खासियत और क्षमता?

इस मस्जिद का डिजाइन आधुनिक और पारंपरिक कला का बेहतरीन मिश्रण है। इसमें एक विशाल कांच का गुंबद (Glass Dome) है जिसका व्यास 20 मीटर और ऊंचाई 16 मीटर है। यह गुंबद विशेष ज्यामितीय डिजाइन में बना है जिससे मस्जिद के अंदर दिन में प्राकृतिक रोशनी आती है। इसके अलावा यहां 38 मीटर ऊंची एक आधुनिक घुमावदार मीनार भी बनाई गई है जो दूर से ही दिखाई देती है।

मस्जिद की कुल क्षमता और सुविधाओं के बारे में जानकारी नीचे दी गई है:

  • कुल क्षमता: 1,325 नमाजी एक साथ इबादत कर सकते हैं।
  • मुख्य हॉल: इसमें 470 लोगों के बैठने की जगह है।
  • महिला हॉल: महिलाओं के लिए 145 की क्षमता वाला अलग हॉल है।
  • बाहरी क्षेत्र: आंगन और बाहरी हिस्से में करीब 700 लोग नमाज पढ़ सकते हैं।

रमजान के दौरान नमाजियों को क्या सुविधाएं मिलेंगी?

मस्जिद परिसर में नमाजियों के लिए एक पब्लिक लाइब्रेरी, पीने के ठंडा पानी के स्टेशन और गाड़ियां खड़ी करने के लिए पार्किंग की पूरी व्यवस्था है। यह मस्जिद 7,800 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैली हुई है। शारजाह इस्लामिक अफेयर्स विभाग ने रमजान के लिए विशेष तैयारी की है। विभाग ने तरावीह की नमाज के लिए 15 विशेष reciters की ड्यूटी लगाई है जो अलग-अलग मस्जिदों में रोटेशन के आधार पर कुरान की तिलावत करेंगे।

रमजान के इस पवित्र महीने में शारजाह में कुल 17 नई मस्जिदें खोलने की योजना है ताकि लोगों को अपने घर के पास नमाज अदा करने में आसानी हो। इफ्तार टेंट और दान-पुण्य के कार्यों के लिए प्रशासन ने परमिट लेना अनिवार्य किया है ताकि व्यवस्था बनी रहे। उद्घाटन के मौके पर इस्लामिक विद्वानों ने मस्जिद निर्माण के महत्व और इसे एकता का केंद्र बनाने पर जोर दिया।