शारजाह और ओमान के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक नया लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर शुरू किया गया है। 14 मई 2026 से चालू हुए इस नए सिस्टम के तहत दोनों देशों के बीच चलने वाले मालवाहक ट्रकों के लिए सीमा पार करना अब बेहद आसान हो गया है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि जमीनी परिवहन में लगने वाला कुल खर्च भी काफी कम हो जाएगा। शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स एंड फ्री जोन्स अथॉरिटी और ओमान कस्टम्स ने आपसी तालमेल से इस नए कॉरिडोर को चालू किया है ताकि माल की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके।
नए कॉरिडोर से कैसे बचेगा ट्रकों का समय और पैसा?
इस नए इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर को शारजाह और ओमान के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है। इस व्यवस्था के तहत ओमान सीमा पर स्थित खतमत मलाहा और अल मदाम बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए सीधा कस्टम क्लीयरेंस दिया जा रहा है। अब ट्रकों को बीच में बार-बार सामान उतारने या चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट का कुल खर्च कम हो रहा है। पहली शिपमेंट पोर्ट खालिद से सोहार पोर्ट के लिए खतमत मलाहा बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए भेजी गई थी।
दुबई और ओमान के बीच भी लागू है विशेष व्यवस्था
शारजाह के इस कदम के अलावा, दुबई ने भी पहले ओमान के साथ एक अस्थायी ग्रीन कॉरिडोर शुरू किया था। अप्रैल 2026 में जारी नियमों के अनुसार, दुबई कस्टम्स ने कुछ खास मामलों में कैश डिपॉजिट की जरूरत को खत्म करके गारंटी लेटर की सुविधा दी थी। इसी तरह ओमान की कस्टम्स अथॉरिटी ने खाली कंटेनरों को बिना किसी बड़ी कस्टम घोषणा के तुरंत आने-जाने की अनुमति दी थी ताकि बॉर्डर पर गाड़ियां न रुकें और काम तेजी से हो सके। वहीं शारजाह ने भारी वाहनों से फीस वसूलने के लिए मसार इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम भी चालू रखा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शारजाह और ओमान के बीच नया कॉरिडोर कब से शुरू हुआ है?
शारजाह और ओमान के बीच नया इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर 14 मई 2026 से काम कर रहा है और इसके बारे में आधिकारिक घोषणा 17-18 मई 2026 को की गई थी।
इस नए कॉरिडोर से मालवाहक ट्रकों को क्या फायदा होगा?
इससे सीमा पर सीधा कस्टम क्लीयरेंस मिल सकेगा, जिससे बॉर्डर पर अनावश्यक देरी नहीं होगी और ट्रांसपोर्ट का कुल खर्च काफी कम हो जाएगा।
यह कॉरिडोर किन बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए काम करता है?
यह कॉरिडोर मुख्य रूप से शारजाह के खतमत मलाहा और अल मदाम बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए काम करता है।
