शारजाह ने ओमान के साथ व्यापार को और बेहतर बनाने के लिए एक नया लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर शुरू किया है। यह रास्ता ज़मीनी सीमा के ज़रिए दोनों देशों के बंदरगाहों को जोड़ेगा, जिससे सामान की आवाजाही तेज़ होगी। इस पहल का मकसद क्षेत्रीय व्यापार को मज़बूत करना और सप्लाई चेन को और भरोसेमंद बनाना है।

इस नए लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर की मुख्य बातें क्या हैं

  • इस कॉरिडोर का काम 14 मई 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया था।
  • शारजाह पोर्ट्स, कस्टम्स और फ्री ज़ोन अथॉरिटी ने इसे ओमान कस्टम्स के साथ मिलकर शुरू किया है।
  • अब कस्टम क्लीयरेंस का काम सीधे शारजाह की बॉर्डर क्रॉसिंग पर ही हो जाएगा, जिससे सामान को बार-बार ट्रांसफर करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
  • इसमें फास्ट-ट्रैक शिपमेंट लेन और रियल-टाइम डेटा एक्सचेंज की सुविधा दी गई है, जिससे समय और ट्रांसपोर्ट का खर्च दोनों कम होंगे।

किन बंदरगाहों और रास्तों का होगा इस्तेमाल

इस कॉरिडोर के ज़रिए शारजाह और ओमान के कई अहम बंदरगाहों को जोड़ा गया है। ओमान की तरफ से सोहार पोर्ट मुख्य गेटवे होगा, जबकि दुक्म और सलाला पोर्ट भी इससे जुड़े रहेंगे। शारजाह की तरफ से पोर्ट खालिद, خورफक्कन (Khorfakkan) और हमरैया पोर्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। सामान लाने-ले जाने के लिए खतमत मलाहा (कलबा में) और अल मडम बॉर्डर क्रॉसिंग का इस्तेमाल होगा।

व्यापारियों और प्रवासियों के लिए यह क्यों है ज़रूरी

यह कॉरिडोर उन कंपनियों और व्यापारियों के लिए बहुत मददगार होगा जो ओमान और यूएई के बीच सामान भेजते हैं। इससे सामान पहुँचाने के लिए नए और लचीले रास्ते मिलेंगे। साथ ही, अगर भविष्य में समुद्री रास्तों जैसे कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में कोई समस्या आती है, तो यह ज़मीनी रास्ता एक सुरक्षित विकल्प के रूप में काम करेगा। आने वाले समय में इसमें एयर फ्रेट यानी हवाई माल ढुलाई की सुविधा भी जोड़ी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शारजाह-ओमान लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर कब से शुरू हुआ

इस कॉरिडोर का लाइव ऑपरेशन 14 मई 2026 से शुरू हुआ, जिसका ऐलान 17 मई 2026 को किया गया।

इस कॉरिडोर से सामान भेजने में क्या फायदा होगा

कस्टम क्लीयरेंस अब सीधे शारजाह की बॉर्डर क्रॉसिंग पर हो जाएगी, जिससे ट्रांसपोर्ट का समय और खर्चा दोनों कम होंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.