Sharjah Police ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है जो फर्जी ऐप के जरिए लोगों के फोन हैक कर रहे थे। UAE में रहने वाले प्रवासियों और खासकर भारतीयों को ऐसे फर्जी ऐप्स और अनजान लिंक्स से बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
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Sharjah Police के Criminal Investigation Department ने 5 जुलाई 2026 को यह बड़ी कार्रवाई की। पकड़े गए सातों आरोपी एशियाई मूल के हैं। ये लोग सरकारी अधिकारियों के नाम पर फर्जी मैसेज भेजते थे और पीड़ितों को धोखे में रखकर उनके फोन में खतरनाक ऐप इंस्टॉल करवा लेते थे।
एक बार ऐप इंस्टॉल होते ही इन ठगों को फोन का पूरा रिमोट एक्सेस मिल जाता था। इसके बाद ये लोगों के पर्सनल डेटा और बैंक डिटेल्स चुरा लेते थे। जांच में यह भी पता चला कि यह गिरोह मजदूरों के डेटा का इस्तेमाल कर फर्जी बैंक अकाउंट खोलता था ताकि चोरी किए गए पैसों को इधर-उधर घुमाया जा सके और कानून की पकड़ से बचा जा सके।
UAE सरकार ने साइबर क्राइम को रोकने के लिए बहुत सख्त कानून बनाए हैं। Federal Decree-Law No. 34 of 2021 के तहत हैकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वालों को भारी सजा का प्रावधान है। अगर कोई सरकारी सिस्टम को हैक करता है, तो उसे 7 साल तक की जेल और 15 लाख दिरहम तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
पुलिस ने जानकारी दी कि इससे पहले अप्रैल 2026 में भी एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह पकड़ा गया था, जिसने UAE और दूसरे देशों के लोगों से 30 लाख दिरहम से ज्यादा की ठगी की थी।
