शारजाह पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है जिसने लोगों से 30 लाख दिरहम से ज्यादा की ठगी की. इस गैंग ने यूएई और कई अन्य देशों के लोगों को अपने जाल में फंसाया था. पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में चार अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है.

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ठगों ने लोगों को कैसे बनाया शिकार?

यह गिरोह मुख्य रूप से दो तरह के स्कैम करता था जिससे आम लोग आसानी से भरोसा कर लेते थे और अपने पैसे गंवा देते थे:

  • नकली शिपमेंट स्कैम: ठग खुद को शिपिंग और बीमा कंपनियों का अधिकारी बताते थे. वे लोगों को फोन या मैसेज करके कहते थे कि उनका पार्सल कस्टम में फंस गया है और उसे छुड़ाने के लिए कस्टम फीस या बीमा शुल्क जमा करना होगा. लोगों का भरोसा जीतने के लिए वे असली कंपनियों के डेटा का इस्तेमाल करते थे.
  • रोमांस स्कैम: यह गैंग सोशल मीडिया पर महिलाओं की नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से भावनात्मक संबंध बनाता था. विश्वास जीतने के बाद वे इमरजेंसी या यात्रा के नाम पर पैसे मांगते थे. इन पैसों को ट्रैक करना मुश्किल बनाने के लिए प्रीपेड सिम कार्ड और अन्य गुप्त तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था.

पुलिस की कार्रवाई और गिरोह का नेटवर्क

शारजाह पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व किया और संदिग्धों के लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड निकाला. जांच में पता चला कि इस गैंग का जाल यूएई के बाहर तक फैला हुआ था.

  • ऑपरेशन का तरीका: गैंग का एक मुख्य सदस्य विदेश से पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल करता था. वहीं यूएई में मौजूद अन्य सदस्य एटीएम के जरिए पैसे निकालने और फंड्स को मैनेज करने का काम करते थे.
  • अधिकारियों की चेतावनी: CID के निदेशक कर्नल डॉ. खलीफा बलहाज (Colonel Dr Khalifa Balhaj) ने बताया कि गिरोह ऑनलाइन धोखाधड़ी के अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करता था. उन्होंने जनता और प्रवासियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध अनुरोध या मैसेज पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें.