शारजाह पुलिस ने अवैध पटाखों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर करीब 60 टन पटाखे ज़ब्त किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उन लोगों को भी गिरफ्तार किया है जो इन पटाखों को चोरी-छिपे स्टोर करने और बेचने के धंधे में शामिल थे। पुलिस की एक विशेष टीम ने काफी समय तक निगरानी रखने के बाद उन ठिकानों का पता लगाया जहां से इन पटाखों की सप्लाई की जा रही थी।

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पकड़े जाने पर क्या है कानूनी कार्रवाई और जुर्माना?

यूएई में अवैध पटाखों का कारोबार और इस्तेमाल एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। फेडरल डिक्री कानून नंबर 17 के तहत इसमें बहुत सख्त सज़ा के प्रावधान तय किए गए हैं।

  • अवैध पटाखों के कारोबार में पकड़े जाने पर कम से कम एक साल की जेल हो सकती है।
  • दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 1,00,000 दिरहम का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • बिना सरकारी परमिट के पटाखों को रखना, इस्तेमाल करना या विदेशों से मंगाना पूरी तरह मना है।
  • पुलिस और पब्लिक प्रोसिक्यूशन ने साफ किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई ढील नहीं दी जाएगी।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या है पुलिस की सलाह?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन पटाखों से न केवल आग लगने का खतरा बना रहता है, बल्कि इनसे होने वाले धमाके बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी खतरनाक हैं। ब्रिगेडियर इब्राहिम मुसाबाह अल अजेल ने बताया कि गैर-कानूनी पटाखे रिहायशी इलाकों में अशांति फैलाते हैं और इनसे गंभीर चोट लगने का डर रहता है।

कर्नल डॉ. खलीफा बलहई ने निवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पटाखों के खतरों के बारे में शिक्षित करें। पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें अपने आसपास किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या पटाखों की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत नॉन-इमरजेंसी नंबर 901 पर इसकी सूचना दें। किसी भी इमरजेंसी स्थिति के लिए 999 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.