शारजाह के प्राइवेट स्कूलों के लिए रमजान के दौरान पढ़ाई के घंटे तय कर दिए गए हैं। शारजाह प्राइवेट एजुकेशन अथॉरिटी (SPEA) ने 8 फरवरी को एक सर्कुलर जारी कर स्कूलों को निर्देश दिया है। इसके मुताबिक, रमजान के पवित्र महीने में स्कूल का समय 6 घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए। यह नियम 19 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले संभावित रमजान के साथ लागू होगा। अथॉरिटी ने बच्चों और स्टाफ की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।

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रमजान में स्कूल का समय और जुमे की छुट्टी

SPEA ने स्कूलों को अपनी सुविधा के अनुसार टाइम टेबल बनाने की छूट दी है, लेकिन शर्त यह है कि पढ़ाई का समय किसी भी हाल में 6 घंटे से ज्यादा न हो। ज्यादातर स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक यानी करीब 4 घंटे की क्लास लगाने की तैयारी कर रहे हैं। जुमे (Friday) के दिन स्कूल का समय और कम कर दिया जाएगा।

जुमे की नमाज को ध्यान में रखते हुए छात्रों को सुबह 11:30 बजे तक, या उससे पहले 11:00 बजे तक छुट्टी दे दी जाएगी। कुछ रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार की क्लास केवल 90 मिनट की हो सकती है या उसे ऑनलाइन लर्निंग में बदला जा सकता है। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इन कम घंटों के बावजूद अपना सिलेबस पूरा करें।

स्प्रिंग ब्रेक और कैंटीन के नियम

स्कूलों में फास्टिंग (रोज़ा) के घंटों के दौरान कैंटीन की सेवाएं बंद रहेंगी। जो बच्चे रोज़ा नहीं रख रहे हैं, उनके माता-पिता को घर से खाना भेजने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, रमजान के दौरान ही स्प्रिंग ब्रेक भी आएगा। यह छुट्टी 16 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगी, जिससे बच्चों को रमजान के आखिरी दिनों में आराम मिलेगा।

अथॉरिटी ने स्कूलों से साफ तौर पर कहा है कि छात्रों, अभिभावकों और स्टाफ की ‘क्वालिटी ऑफ लाइफ’ का पूरा ध्यान रखा जाए। स्कूलों को होमवर्क और असाइनमेंट का बोझ कम करने और भारी शारीरिक गतिविधियों को टालने के लिए कहा गया है। दुबई के स्कूल रेगुलेटर KHDA भी आमतौर पर इसी तरह के नियम लागू करता है।

Nura Basta

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