Iran Conflict: शशि थरूर ने विदेशी सचिव से की मुलाकात, भारत की सुरक्षा और एनर्जी पर हुई बड़ी चर्चा
कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने ईरान संकट को लेकर भारत के Foreign Secretary के साथ एक अहम मीटिंग की। इस मीटिंग में ईरान युद्ध से जुड़ी उन बातों पर चर्चा हुई जो पिछली बैठकों में कवर नहीं हो पाई थीं। इस बातचीत में भारत की सुरक्षा और तेल-गैस की सप्लाई जैसे बड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हुई।
मीटिंग में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
इस मीटिंग में संसदीय समिति के 17 सदस्य शामिल थे जिन्होंने विदेश सचिव के साथ गहन चर्चा की। बातचीत के दौरान रणनीति, एनर्जी सिक्योरिटी और इलाके के भू-राजनीतिक हालातों पर बात हुई। चर्चा में इस बात पर भी जोर दिया गया कि पाकिस्तान का इस पूरे मामले में क्या रोल है। साथ ही भारत के अन्य महत्वपूर्ण देशों के साथ रिश्तों पर विचार किया गया।
भारत के लिए यह विवाद क्यों जरूरी है?
भारत अपनी एलपीजी (LPG) की 90 प्रतिशत जरूरत कतर और खाड़ी देशों से पूरी करता है। अगर ईरान और इसराइल के बीच युद्ध बढ़ता है, तो गैस और तेल की सप्लाई रुक सकती है। इससे भारत में कीमतों पर असर पड़ सकता है। भारत सरकार ने इस दिशा में अपनी निगरानी बढ़ा दी है ताकि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।
भारत सरकार का इस मुद्दे पर क्या स्टैंड है?
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने बार-बार शांति और बातचीत की अपील की है। भारत का कहना है कि वह किसी विवाद में ‘ब्रोकर’ की भूमिका नहीं निभाएगा लेकिन शांति का पूरा समर्थन करेगा। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी इसराइल और अमेरिका के नेताओं से बात कर बातचीत का रास्ता अपनाने को कहा है।
| संस्था/व्यक्ति | मुख्य भूमिका/कार्रवाई |
|---|---|
| Shashi Tharoor | विदेशी सचिव के साथ ब्रीफिंग की और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया |
| S. Jaishankar | संयम और कूटनीति के जरिए तनाव कम करने की अपील की |
| PM Narendra Modi | नेतनयाहू और ट्रंप से बात कर बातचीत का आग्रह किया |
| MEA | खाड़ी देशों में भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए कंट्रोल रूम बनाए |
| पाकिस्तान | अमेरिका और ईरान के बीच बैकचैनल बातचीत में मदद की |
| भारत सरकार | ईरान से कच्चे तेल की पहली खेप मंगवाई और LNG विंडो तय की |
| संसदीय समिति | विदेशी सचिव के साथ रणनीति और सुरक्षा पर चर्चा की |