पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की मेजबानी करने का प्रस्ताव रखा है। यह ऑफर ऐसे समय में आया है जब इस युद्ध को शुरू हुए चार हफ्ते बीत चुके हैं। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि वे इस विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालने के लिए हर संभव मदद करने को तैयार हैं और इस्लामाबाद इसके लिए एक सुरक्षित जगह बन सकता है।

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शांति वार्ता को लेकर डोनाल्ड ट्रंप और ईरान ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत शुरू हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार दोनों पक्ष लगभग सभी जरूरी मुद्दों पर सहमत हो गए हैं, जिसमें ईरान का परमाणु हथियार न बनाना शामिल है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के पावर प्लांट पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है। हालांकि ईरान की तरफ से इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया गया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका की तरफ से ऐसी कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हो रही है और यह सिर्फ बाजार को गुमराह करने की कोशिश है।

युद्ध की ताज़ा स्थिति और खाड़ी देशों पर इसका असर

भले ही पाकिस्तान ने बातचीत का हाथ आगे बढ़ाया है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ है। ईरान ने मंगलवार को इजरायल और कुछ खाड़ी देशों की तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। UAE और सऊदी अरब जैसे देशों में भी सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। युद्ध के कारण व्यापारिक रास्तों पर भी बुरा असर पड़ा है।

देश का नाम ताज़ा घटनाक्रम
UAE 5 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 ड्रोन को मार गिराया गया
Israel ईरान के अंदर 50 से ज़्यादा ठिकानों पर बमबारी की
Iran Strait of Hormuz को अमेरिकी जहाजों के लिए बंद रखा
Saudi Arabia नए मिसाइल और ड्रोन खतरों की जानकारी दी

क्या पाकिस्तान की मध्यस्थता से निकलेगा कोई हल?

पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir ने इस मुद्दे पर Donald Trump से फोन पर चर्चा की है। वहीं प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बात कर उन्हें अपना समर्थन दिया है। डिप्लोमैटिक सूत्रों का कहना है कि अगर दोनों पक्ष तैयार होते हैं, तो इसी हफ्ते इस्लामाबाद में बैठक हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक तारीख या जगह की पुष्टि नहीं हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह शांति वार्ता काफी अहम है क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा जुड़ी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.