संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdelatty से फोन पर विशेष बातचीत की है। इस फोन कॉल के दौरान मुख्य रूप से खाड़ी (Gulf) क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमलों के प्रभाव और उससे पैदा हुए हालातों पर चर्चा की गई। इस बातचीत में दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

UAE और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा क्या था?

यह महत्वपूर्ण बातचीत 10 जून 2026 को फोन कॉल के माध्यम से हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और ईरानी हमलों के बाद के घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah और मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdelatty ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

सुरक्षा को लेकर मिस्र ने यूएई को दिया क्या भरोसा?

मिस्र ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि UAE और अन्य खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता मिस्र की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा का एक बेहद अहम हिस्सा है। मिस्र के विदेश मंत्री ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और यूएई की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे सभी कदमों का खुलकर समर्थन किया। दोनों नेताओं ने माना कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) का उल्लंघन हैं, जो पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा हैं।

विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति पर दिया गया जोर

दोनों देशों के मंत्रियों ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि किसी भी क्षेत्रीय समस्या या तनाव को खत्म करने के लिए राजनयिक बातचीत और कूटनीति का ही रास्ता अपनाया जाना चाहिए। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को हमेशा बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी सहयोग को बढ़ाने की जरूरत बताई गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UAE और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच यह फोन कॉल कब हुई?

यह फोन कॉल बातचीत 10 जून 2026 को हुई, जिसमें मुख्य रूप से खाड़ी क्षेत्र पर हुए ईरानी हमलों के प्रभाव पर चर्चा की गई थी।

ईरानी हमलों को लेकर मिस्र का क्या स्टैंड है?

मिस्र ने इन हमलों की निंदा की है और साफ किया है कि वह यूएई की सुरक्षा और स्थिरता के लिए उठाए जाने वाले कदमों के साथ पूरी तरह खड़ा है।