सऊदी अरब में हज्ज 1447 (2026) की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही हैं. सरकार ने अराफ़ा के दिन खुतबा देने के लिए शेख अली हुज़ैफ़ी को चुना है. यह फैसला खुद किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद ने लिया है और इसकी जानकारी रॉयल कोर्ट द्वारा दी गई है. इस साल का हज्ज दुनिया भर के लाखों ज़ायरीन के लिए बहुत अहम होगा.
शेख अली हुज़ैफ़ी कौन हैं और उनकी क्या ज़िम्मेदारी होगी?
शेख डॉ. अली हुज़ैफ़ी मस्जिद-ए-नबवी के इमाम और खुतीब हैं. उन्हें 26 मई 2026 को अराफ़ा के दिन नमिरा मस्जिद से खुतबा देने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. शेख हुज़ैफ़ी पिछले 45 सालों से दोनों पवित्र मस्जिदों के इमाम रहे हैं और वे दुनिया के सबसे पुराने निरंतर इमाम माने जाते हैं. वे अपनी सटीक कुरान तिलावत के लिए मशहूर हैं और किंग फहद कॉम्प्लेक्स में कुरान रिव्यू कमेटी के प्रमुख भी हैं.
हज्ज 2026 की तारीख और सरकारी तैयारियाँ क्या हैं?
खगोलीय गणना के हिसाब से ज़ुल-हिज्जा का पहला दिन 18 मई 2026 को होगा और अराफ़ा का दिन मंगलवार 26 मई 2026 को पड़ने की उम्मीद है. ग्रैंड मस्जिद और प्रोफेट मस्जिद की धार्मिक मामलों की प्रेसीडेंसी ने इस नियुक्ति की पुष्टि की है. इसके साथ ही, सऊदी सरकार ने हज्ज यात्रियों के लिए ट्रांसपोर्ट, रहने की जगह और डिजिटल सेवाओं के इंतजाम पूरे कर लिए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएँ मिल सकें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज्ज 1447 में अराफ़ा दिवस का खुतबा कौन देगा?
सऊदी सरकार ने शेख डॉ. अली हुज़ैफ़ी को अराफ़ा दिवस के खुतीब के रूप में नियुक्त किया है, जो नमिरा मस्जिद से संदेश देंगे।
अराफ़ा दिवस 2026 की संभावित तारीख क्या है?
अराफ़ा दिवस मंगलवार, 26 मई 2026 (9 ज़ुल-हिज्जा 1447) को होने की उम्मीद है।
