Sheikh Hasina का दिल्ली से संबोधन: बांग्लादेश में लोकतंत्र बहाली की मांग, भारत ने खुद को विवाद से किया अलग

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से एक वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए दुनिया भर में बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए समर्थन की अपील की। यह दिन उनके सत्ता से बेदखल होने की दूसरी बरसी के रूप में मनाया गया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि दो साल पहले जो हंगामा हुआ था, वह कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि दक्षिण एशिया और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक स्थिर बांग्लादेश का होना बहुत जरूरी है।
भारत सरकार की सफाई और विदेश मंत्रालय का रुख
इस पूरे मामले पर India के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस वर्चुअल कार्यक्रम में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस मंच पर व्यक्त किए गए किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती है। भारत ने अपनी पुरानी नीति को दोहराते हुए कहा कि वह अपनी धरती से किसी दूसरे देश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति नहीं देता है, भले ही किसी को राजनीतिक शरण दी गई हो। इसके साथ ही, भारत ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने बांग्लादेश के वर्तमान प्रधानमंत्री Tarique Rahman को 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाले BRICS आउटरीच सत्र के लिए आमंत्रित किया है।
बांग्लादेश का विरोध और राजनयिक तनाव
Sheikh Hasina के इस संबोधन पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री Shama Obaed Islam ने भारत से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारतीय धरती से Sheikh Hasina की राजनीतिक गतिविधियां दोनों देशों के आपसी संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने Sheikh Hasina को एक 'भगोड़ा आरोपी' करार दिया है। प्रधानमंत्री Tarique Rahman के विदेश मामलों के सलाहकार Humayun Kabir ने भी भारत के उच्चायुक्त Dinesh Trivedi के सामने अपनी चिंता दर्ज कराई है।
ढाका सरकार अगस्त 2024 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही लगातार Sheikh Hasina के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, क्योंकि उन्हें 2024 की हिंसा से जुड़े मामलों में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई है। वर्तमान सरकार, जिसका नेतृत्व Bangladesh Nationalist Party (BNP) कर रही है, ने फरवरी 2026 के संसदीय चुनावों में जीत हासिल की थी। नोबेल पुरस्कार विजेता Muhammad Yunus, जो अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार थे, ने पहले ही उनकी सरकार को 'फासीवादी' करार दिया था। किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए बांग्लादेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और सरकार ने मीडिया संस्थानों को Sheikh Hasina का भाषण प्रकाशित या प्रसारित न करने का निर्देश दिया था। अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।