बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina और Awami League के बड़े नेता दिसंबर 2026 के आसपास वापस अपने देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी नेता Mohibul Chowdhury ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अगस्त 2024 में छात्र प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था, जिसके बाद यह पहली बार है जब उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख सामने आई है।
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फिलहाल India में रह रही शेख हसीना ने कहा है कि वह स्वेच्छा से बांग्लादेश की अदालतों में सरेंडर करेंगी। नवंबर 2025 में International Crimes Tribunal ने उन्हें गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी। उन पर 2024 के प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगे थे। हसीना का मानना है कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई फर्जी है और वह इसे साबित करने के लिए वापस आना चाहती हैं।
हसीना ने यह भी साफ किया कि उन्होंने अपनी वापसी को लेकर किसी विदेशी सरकार से कोई सलाह नहीं ली है। इस समय बांग्लादेश में Prime Minister Tarique Rahman की सरकार का शासन है, जिसने Awami League पर पाबंदी लगा रखी है। यह सरकार लगातार India से शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग कर रही है।
पार्टी नेता Mohibul Chowdhury ने बताया कि उनकी वापसी के बाद सबसे पहले जेल में बंद नेताओं को छुड़ाना और पार्टी पर लगी पाबंदी हटवाना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार Hizb ut-Tahrir और Jamaat-e-Islami जैसे समूहों की मदद से देश में अस्थिरता पैदा कर रही है।
वहीं, बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री Shama Obaed Islam ने 1 जुलाई 2026 को कहा था कि सरकार शेख हसीना को कानूनी कार्यवाही के लिए वापस लाने के लिए राजनयिक कोशिशें जारी रखे हुए है।
