शेख हसीना का अज्ञातवास खत्म: भारत में रहकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी, बांग्लादेश ने दी चेतावनी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने करीब दो साल के लंबे 'अज्ञातवास' से बाहर निकलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह आगामी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखेंगी। यह पहली बार होगा जब वह भारत में शरण लेने के बाद किसी मीडिया संबोधन से जुड़ेंगी। सुरक्षा कारणों के चलते वह कैमरे के सामने नहीं आएंगी, बल्कि किसी गुप्त स्थान से केवल ऑडियो लिंक के जरिए संवाद करेंगी।
प्रैस कॉन्फ्रेंस की तैयारी और भारत का रुख
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन फॉरिन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (FCC) ऑफ साउथ एशिया द्वारा किया जा रहा है। शेख हसीना इस मंच से अपनी भविष्य की रणनीति, बांग्लादेश लौटने की योजनाओं और वहां उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों पर खुलकर चर्चा कर सकती हैं। उनके साथ उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल की भी उपस्थिति की संभावना है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस कार्यक्रम से उसका कोई लेना-देना नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह एक निजी कार्यक्रम है जिसे विदेशी पत्रकारों का एक क्लब आयोजित कर रहा है।
बांग्लादेश की चिंता और प्रत्यर्पण की मांग
इस खबर के सामने आते ही ढाका में हलचल बढ़ गई है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने भारतीय उच्चायुक्त उचित द्विवेदी से मुलाकात कर इस आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताई है। बांग्लादेश का मानना है कि हसीना का यह संबोधन दोनों देशों के बीच सुधार की दिशा में बढ़ रहे रिश्तों के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने भारत से इस कार्यक्रम को रोकने की अपील की है। गौरतलब है कि बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई है।
कानूनी पेंच और भविष्य की संभावनाएं
शेख हसीना ने पिछले महीने दिए गए एक इंटरव्यू में संकेत दिया था कि वह और अवामी लीग के अन्य निर्वासित नेता गिरफ्तारी के जोखिम के बावजूद वापस स्वदेश लौटना चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि वे लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगी और सरेंडर भी कर देंगी। बांग्लादेश ने नवंबर 2025 में हसीना के प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक अनुरोध किया था, जिस पर भारत सरकार का कहना है कि वह अपनी कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप इस मांग पर विचार कर रही है। अब सभी की निगाहें बुधवार को होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं कि हसीना अपनी बातों से आगे की राजनीति की क्या तस्वीर पेश करती हैं।