बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने एक बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि वह दिसंबर 2026 तक अपने देश वापस लौटेंगी. फिलहाल वह भारत में रह रही हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के हक की रक्षा के लिए वापस जाना चाहती हैं.
शेख हसीना ने बताया कि वह वापस लौटकर खुद को अधिकारियों के हवाले कर देंगी. हालांकि उन्हें वहां मौत की सज़ा सुनाई जा चुकी है, लेकिन उनका मानना है कि ऐसा करने से यह साफ हो जाएगा कि उनके खिलाफ मामले सिर्फ राजनीति के कारण दर्ज किए गए हैं.
बता दें कि साल 2024 में भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा था. नवंबर 2024 में वहां की वार क्रिम्स ट्रिब्यूनल ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी. उन पर आरोप था कि उन्होंने छात्र आंदोलन को रोकने के लिए हिंसक कार्रवाई करवाई, जिसे हसीना ने गलत बताया है.
उनकी राजनीतिक पार्टी Awami League पर भी गाज गिरी है. मई 2025 में अंतरिम सरकार ने इस पार्टी पर बैन लगा दिया था और उसकी सारी गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद शेख हसीना का कहना है कि उनकी पार्टी अब भी एक बड़ी ताकत है और जनता के समर्थन से वापस सत्ता में आएगी.
10 जुलाई को दिए गए अपने बयान में शेख हसीना ने कहा कि उनका संघर्ष सिर्फ लोकतंत्र को बहाल करना है, न कि सत्ता पाना. इससे पहले 5 जुलाई को उन्होंने बांग्लादेश में हुई हिंसा और तोड़फोड़ की जांच की मांग की थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनके हटने के बाद अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले बढ़े हैं, जो देश की पहचान के खिलाफ है.
