अल ऐन के अल मकाम पैलेस में शेख हज्जा बिन जायद अल नाह्यान ने स्थानीय लोगों, अधिकारियों और शेखों के साथ एक विशेष मुलाकात की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद आम लोगों की जरूरतों और उनकी उम्मीदों को सीधे तौर पर समझना था। इसी बीच दुबई में ई-स्कूटर और साइकिल चलाने वालों के लिए भी पुलिस ने नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं।

शेख हज्जा बिन जायद की मुलाकात में किन बातों पर चर्चा हुई?

शेख हज्जा बिन जायद ने अल ऐन के नागरिकों और अधिकारियों के साथ देश के जरूरी मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें हल करने के लिए सीधे तौर पर उनसे जुड़ना चाहती है। इस दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय निवासियों की जरूरतों को जानना बहुत जरूरी है ताकि उनके जीवन को और बेहतर बनाया जा सके।

खेती और रिसर्च के क्षेत्र में क्या नई योजनाएं हैं?

  • खेती और इनोवेशन: शेख हज्जा ने दूसरे एमिरेट्स एग्रीकल्चर कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन की आयोजन कमेटी से मुलाकात की। उन्होंने इस इवेंट की तारीफ की और बताया कि यह खेती में नए बदलाव लाने, किसानों को सशक्त बनाने और UAE में खाद्य सुरक्षा (food security) को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है।
  • रिसर्च वर्क: उन्होंने TRENDS Group के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्हें उन रिसर्च और स्टडीज के बारे में बताया गया जो अलग-अलग सेक्टर में सही फैसले लेने में सरकार की मदद करते हैं।

दुबई में ई-स्कूटर और साइकिल चलाने वालों के लिए क्या नया नियम आया है?

Dubai Eye 103.8 की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 मई 2026 से दुबई में ई-स्कूटर, ई-बाइक और साइकिल के इस्तेमाल की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। अब पुलिस की एक नई स्पेशल यूनिट इन वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखेगी। इसका मकसद सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शेख हज्जा बिन जायद ने अल ऐन में किससे मुलाकात की?

उन्होंने अल मकाम पैलेस में स्थानीय शेखों, सरकारी अधिकारियों और अल ऐन क्षेत्र के आम नागरिकों से मुलाकात की।

दुबई में ई-स्कूटर के लिए नया नियम कब से लागू हुआ?

दुबई में ई-स्कूटर, ई-बाइक और साइकिल की निगरानी के लिए पुलिस की नई यूनिट 1 मई 2026 से लागू हो गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.