दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित अल बरका खजूर फैक्ट्री का दौरा किया। यह दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट खजूर फैक्ट्री है जो 97 देशों में अपनी खजूर भेजती है। यूएई अब खाने-पीने की चीज़ों के उत्पादन में दुनिया का बड़ा केंद्र बनना चाहता है ताकि खाद्य सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके।

अल बरका खजूर फैक्ट्री की खासियत क्या है

यह फैक्ट्री 8 लाख स्क्वायर फीट में फैली हुई है और साल में 1 लाख टन खजूर और उसके अन्य उत्पाद बनाती है। यहाँ से अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, भारत, इंडोनेशिया और बांग्लादेश जैसे बड़े बाज़ारों में माल भेजा जाता है। इस फैक्ट्री की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • सोलर पावर: यह दुनिया की पहली सोलर पावर से चलने वाली खजूर फैक्ट्री है जिसमें 6,500 से ज़्यादा सोलर पैनल लगे हैं। इससे साल में करीब 3,000 टन कार्बन उत्सर्जन कम होता है।
  • प्रोडक्ट्स: यहाँ खजूर के पेस्ट, सिरप, पाउडर, शुगर और जैम जैसे कई उत्पाद बनाए जाते हैं।
  • बड़े क्लाइंट्स: यह फैक्ट्री नेस्ले, क्राफ्ट हेन्ज़ और जनरल मिल्स जैसी दुनिया की बड़ी फूड कंपनियों को सप्लाई करती है।

गरीबों के लिए ‘1 बिलियन मील्स’ प्रोजेक्ट क्या है

शेख मोहम्मद ने एक नए मानवीय प्रोजेक्ट ‘1 बिलियन मील्स डेट्स फैक्ट्री’ की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद दुनिया भर के गरीब इलाकों में भुखमरी और कुपोषण को खत्म करना है। इस नेक काम के लिए बिजनेसमैन मिर्वाइस अज़ीज़ी ने 54.5 मिलियन डॉलर का दान दिया है।

यह नई फैक्ट्री अल बरका डेट्स और मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ग्लोबल इनिशिएटिव्स (MBRGI) की साझेदारी में चलेगी। यहाँ साल में 15 करोड़ खजूर आधारित फूड यूनिट बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री के काम को 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अल बरका खजूर फैक्ट्री कहाँ स्थित है और इसकी क्षमता क्या है

यह फैक्ट्री दुबई इंडस्ट्रियल सिटी में है। यह 8 लाख स्क्वायर फीट में फैली है और इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 1 लाख टन है।

1 बिलियन मील्स प्रोजेक्ट का लक्ष्य क्या है

इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 2027 के अंत तक साल में 15 करोड़ खजूर आधारित फूड यूनिट बनाना है ताकि दुनिया के गरीब समुदायों में भुखमरी को कम किया जा सके।