नई दिल्ली में शिंजो आबे के नाम पर सड़क बनाने की मांग, 'कनेक्ट इंडिया जापान' ने शुरू किया विशेष अभियान

भारत और जापान के बीच दोस्ती को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले जापान के पूर्व प्रधानमंत्री Shinzo Abe के सम्मान में अब एक विशेष पहल शुरू की गई है। भारत जापान संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करने वाली संस्था 'Connect India Japan' ने भारत सरकार से नई दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण सड़क का नाम शिंजो आबे के नाम पर रखने का आग्रह किया है। यह कदम दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
शिंजो आबे का भारत के साथ गहरा लगाव
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री Shinzo Abe ने अपने दो कार्यकाल के दौरान भारत के साथ संबंधों को एक नई दिशा दी। वे 26 सितंबर 2006 से 26 सितंबर 2007 तक और फिर 26 दिसंबर 2012 से 16 सितंबर 2020 तक जापान के प्रधानमंत्री रहे। अपने इस लंबे कार्यकाल में उन्होंने चार बार भारत की यात्रा की। उनके नेतृत्व में भारत और जापान के बीच रक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व सहयोग देखने को मिला। प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ मिलकर उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी का दर्जा दिया।
क्यों जरूरी है यह सम्मान
इस अभियान का नेतृत्व कर रहीं Connect India Japan की संस्थापक और सीईओ Nupur Tiwari का मानना है कि शिंजो आबे के नाम पर सड़क का नाम रखना इतिहास के पन्नों से आगे बढ़कर उनके योगदान को आम नागरिकों के जीवन का हिस्सा बनाना है। नूपुर तिवारी पिछले दो दशकों से अधिक समय से जापान में रह रही हैं। उन्होंने इस अभियान को जापानी संस्कृति के 'ओंगेशी' (Ongeishi) यानी कृतज्ञता और दयालुता के भाव से जोड़ते हुए कहा कि यह पहल एक ऐसे नेता के प्रति आभार है जिसने भारत की क्षमता और उसके भविष्य में अटूट विश्वास दिखाया था।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
यह संगठन चाहता है कि दिल्ली की कोई सड़क भविष्य की पीढ़ी के लिए एक शैक्षिक प्रतीक बने, जो दोनों देशों के बीच के गहरे विश्वास और पुरानी मित्रता को दर्शा सके। इस प्रस्ताव को सफल बनाने के लिए संगठन सरकारी अधिकारियों और नागरिक समाज के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहा है। इस पहल के माध्यम से भारत की राजधानी में शिंजो आबे की याद को स्थायी बनाने की कोशिश की जा रही है, जो वास्तव में भारत के एक महान मित्र थे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह अभियान आने वाले समय में दोनों देशों के बीच की भावना को और अधिक जीवंत बनाने का काम करेगा। अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की वेबसाइट पर भी नजर रख सकते हैं।