बिहार में साइबर क्राइम करने वालों की गिरफ्तारी के साथ ही उनके बैंक खाते, मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जा रहे हैं। जिस मोबाइल से फ्रॉड हुआ है, उसके इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए आईएमईआई नंबर भी ब्लॉक किया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर एक ही सिम अलॉट किया जाएगा।

आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैय्यर हसनैन खान ने ऐसे मोबाइल और उसके नंबर को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही संबंधित कंपनियों को 6187 सिम को ब्लॉक करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। करीब 4000 सिम को ब्लॉक किया जा चुका है। साइबर अपराध से जुड़े अपराधियों के 790 मोबाइल को चिह्नित किया जा चुका है, जिनको निष्क्रिय करने का प्रस्ताव विभाग की ओर से भेजा गया है।

साइबर अपराधी नंबर बदल करके एक ही मोबाइल का इस्तेमाल करके ठगी करते थे। ऐसे में मोबाइल के ब्लॉक करने के बाद वह बेकार हो जाएगा।

आर्थिक अपराध इकाई के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि एक ही आधार पर कई सिम को इश्यू करने पर रोक लगेगी। इसके साथ ही जो दुकानदार साइबर क्राइम में सहयोग दे रहे हैं, उनका लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Lov Singh

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