सिंध प्रांत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया घरेलू हिंसा कानून पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है. 2013 में कानून लागू होने के बाद भी महिलाओं पर जुल्म कम नहीं हुए हैं. सिस्टम की बड़ी कमियों और ढीली जांच की वजह से पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है.

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सजा की दर लगभग शून्य

सस्टेनेबल सोशल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (SSDO) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के पहले छह महीनों में घरेलू हिंसा के 204 मामले सामने आए. इनमें से 98 मामले कोर्ट पहुंचे और 70 का ट्रायल हुआ, लेकिन एक भी दोषी को सजा नहीं मिली. वहीं, ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने बताया कि 2024 में सिंध में घरेलू हिंसा के कारण 165 महिलाओं और 9 लड़कियों की मौत हुई, जबकि 250 महिलाओं और 10 लड़कियों के साथ मारपीट की गई.

FIR दर्ज करने में आ रही दिक्कतें

इंसाफ मिलने में सबसे बड़ी रुकावट यह है कि पुलिस के पास घरेलू हिंसा कानून के तहत FIR दर्ज करने की स्पष्ट शक्ति नहीं है. आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मई 2024 के बीच पुलिस को 1,491 मामले बताए गए, लेकिन इनमें से सिर्फ 5 मामलों में ही इस कानून के तहत FIR दर्ज की गई.

सिस्टम की कमियां और अधिकारियों के बयान

सिंध कमीशन ऑन द स्टेटस ऑफ विमेन (SCSW) की चेयरपर्सन रुबीना अमन ब्रोही ने कहा कि पिछले 13 सालों में कानून को उसकी सही भावना के साथ लागू नहीं किया गया. उन्होंने सभी जिलों में वन-स्टॉप प्रोटेक्शन सेंटर खोलने और महिला पुलिस थानों को मजबूत करने की जरूरत बताई.

प्रांतीय मंत्री शहिना शेर अली ने बताया कि कानून उर्दू और सिंधी भाषा में उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से गांव और पिछड़े इलाकों की महिलाओं तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच पा रही है. उन्होंने लेडी हेल्थ विजिटर्स के जरिए घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया.

सुधार के लिए उठाए गए कदम

  • जनवरी 2025: सिंध ह्यूमन राइट्स कमीशन (SHRC) ने एक रोडमैप तैयार किया, जिसमें पुलिस को FIR दर्ज करने का अधिकार देने और जजों के लिए जेंडर-सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग की सिफारिश की गई.
  • अप्रैल 2026: कराची में एक पॉलिसी डायलॉग हुआ, जिसमें कानून में बदलाव, बेहतर रेफरल सिस्टम और सुरक्षा सेवाओं में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया.
  • महिला पुलिस की कमी: एडवोकेट शाज़िया निज़ामानी ने कहा कि महिला शिकायतकर्ता पुरुष अधिकारियों के पास जाने में हिचकिचाती हैं, इसलिए महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाना जरूरी है.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.