कतर में हवाई क्षेत्र (airspace) बंद होने के कारण वहां फंसे नागरिकों के लिए सिंगापुर दूतावास ने एक बड़ा कदम उठाया है। दोहा में मौजूद सिंगापुर एंबेसी अब अपने नागरिकों को कतर से सऊदी अरब के रास्ते निकालने (evacuate) की योजना बना रही है। इसके लिए 3 मार्च 2026 को एक ऑनलाइन सर्वे भी शुरू किया गया है ताकि यह जाना जा सके कि कितने लोग इस रास्ते से जाना चाहते हैं। चूंकि हमद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अधिकांश फ्लाइट्स रुकी हुई हैं, इसलिए सड़क मार्ग ही एकमात्र विकल्प बचा है।

सड़क के रास्ते सऊदी जाने का प्लान और खर्चा

सिंगापुर विदेश मंत्रालय (MFA) ने साफ किया है कि फ्लाइट्स बंद होने की वजह से अब जमीन के रास्ते (Land Route) पर विचार हो रहा है। इस योजना के तहत नागरिकों को कतर से बस या शटल के जरिए सऊदी अरब ले जाया जाएगा, जहां से वे रियाद (Riyadh) एयरपोर्ट से आगे की फ्लाइट ले सकेंगे। रियाद अभी भी क्षेत्र का मुख्य ट्रांजिट हब बना हुआ है जहां से फ्लाइट्स चल रही हैं।

हालांकि, एंबेसी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह एक ‘असिस्टेड डिपार्चर’ है, जिसका पूरा खर्च नागरिकों को खुद उठाना होगा। इसमें नीचे दिए गए खर्चे शामिल हैं:

  • जमीन के रास्ते यात्रा का किराया (बस/शटल)।
  • सऊदी अरब से आगे की हवाई टिकट का खर्च।
  • वीज़ा और यात्रा दस्तावेजों की फीस।
  • रास्ते में रुकने या खाने-पीने का खर्च।

क्या है अभी कतर के हालात और नए नियम?

कतर टूरिज्म ने एक अच्छी पहल करते हुए फ्लाइट कैंसिल होने से फंसे यात्रियों के होटल का खर्च उठाने का फैसला किया है, जो वहां रुके हुए पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। वहीं, सुरक्षा को देखते हुए कतर के आंतरिक मंत्रालय ने सभी निवासियों को ज्यादा बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने (Shelter in place) की सलाह दी है।

2 मार्च से कतर में कई वित्तीय संस्थानों और निजी कंपनियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Remote Work) नीति लागू कर दी है ताकि सड़कों पर आवाजाही कम हो सके। सिंगापुर एंबेसी ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि सड़क मार्ग से यात्रा थोड़ी थकाऊ हो सकती है और चेकपॉइंट्स पर भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। सभी नागरिकों को तुरंत ई-रजिस्टर (eRegister) करने के लिए कहा गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.