सितंबर से सस्ते होंगे मौलिक खाद्य पदार्थ: सरकार की महंगाई पर चुटकुला की कोशिश

मौसम और महंगाई: बरसात के आगमन के साथ खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उछाल आया है। खुदरा महंगाई दर जुलाई में 7.44 प्रतिशत पहुंची, जो जून में सिर्फ 4.81 फीसदी थी।

टमाटर की उछाल: टमाटर की कीमत में 363.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 350 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। हालांकि, सरकार ने इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाया और खुद 40 रुपये प्रति किलो पर टमाटर बेचने लगी।

गेहूं की कीमत में उछाल: गेहूं की कीमत में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सरकार रूस से गेहूं खरीदने पर विचार कर रही है, जिससे कीमतों पर नियंत्रण पाया जा सके।

सरकार की महंगाई पर नियंत्रण की कोशिशें: सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

  • गैर-बासमती चावल के निर्यात पर बैन।
  • प्याज पर 40 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी।
  • दाल और तिलहनों का आयात अनुमति।

आशा की किरण: सरकार को उम्मीद है कि उनकी उपरोक्त कदमों से अगले महीने खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट आएगी।

महत्वपूर्ण जानकारी:

खाद्य पदार्थ प्रतिशत में वृद्धि कीमत (प्रति किलो)
टमाटर 363.8% ₹350 से ₹60-₹80
गेहूं 2.2% बढ़ रही है
प्याज ₹20 से ₹35-₹40