जानेमाने फिलिस्तीनी कलाकार स्लिमन मंसूर का 79 वर्ष की आयु में निधन, कला जगत में शोक की लहर.

Aanya24 August 20262 min read63 viewsWorld
जानेमाने फिलिस्तीनी कलाकार स्लिमन मंसूर का 79 वर्ष की आयु में निधन, कला जगत में शोक की लहर.

आधुनिक फिलिस्तीनी कला जगत के एक बड़े स्तंभ और राष्ट्रीय पहचान व प्रतिरोध के प्रतीक माने जाने वाले प्रसिद्ध कलाकार Sliman Mansour का निधन हो गया है। उनका यह दुखद निधन 24 अगस्त 2026 को हुआ और उस समय उनकी आयु 79 वर्ष थी। उनके परिवार ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि उनके वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से की है। हालांकि निधन का कोई खास कारण अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन मंसूर ने साल 2023 के एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें दो साल पहले एक स्ट्रोक यानी पक्षाघात आया था। इस बीमारी की वजह से उनका बायां हाथ प्रभावित हो गया था, लेकिन इसके बावजूद वह रोजाना अपने स्टूडियो जाने के लिए पूरी तरह समर्पित रहते थे और अपना काम करते थे।

समकालीन संस्कृति में अमिट छाप

अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान, Sliman Mansour समकालीन फिलिस्तीनी संस्कृति की सबसे जानी-पहचानी आवाज़ बन गए थे। उनकी बनाई हुई एक बेहद मशहूर कृति 'Jamal Al Mahamel' (Camel of Hardship) है, जिसमें एक बुजुर्ग फिलिस्तीनी मजदूर को अपनी पीठ पर यरूशलेम उठाए हुए दिखाया गया है। यह पेंटिंग आज भी उनकी कला और विरासत का एक बहुत बड़ा हिस्सा बनी हुई है। वह कला के क्षेत्र में लोगों को एकजुट करने में भी बहुत आगे रहे थे। उन्होंने League of Palestinian Artists के सह-संस्थापक के रूप में अपनी सेवाएं दीं और साल 1986 से 1990 तक इस संगठन का नेतृत्व भी किया। इसके अलावा, वह International Academy of Art Palestine के संस्थापक बोर्ड मेंबर भी रह चुके थे, जिससे उनकी कला के प्रति निष्ठा साफ झलकती है।

'न्यू विजन' कलेक्टिव और स्थानीय सामग्री का इस्तेमाल

जब पहला इंतिफादा का दौर चल रहा था, तब Sliman Mansour ने दूसरे कलाकारों के साथ मिलकर एक खास ग्रुप बनाया था। उनके साथ इस ग्रुप में कलाकार Vera Tamari, Tayseer Barakat और Nabil Anani शामिल थे और इस ग्रुप का नाम 'New Visions' कलेक्टिव रखा गया था। इस समूह ने इजरायली कला सामग्रियों के पूरी तरह बहिष्कार करने का ऐलान किया था और उसका विरोध किया था। इसके बजाय उन्होंने अपनी कला में मिट्टी और मेहंदी जैसी प्राकृतिक और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल करना शुरू किया था। उनके निधन की खबर आने के बाद दुनिया भर के मीडिया घरानों और बड़े मंचों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इस फेहरिस्त में Al Jazeera English और The National News जैसे वैश्विक संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा कवि Mosab Abu Toha ने भी सबस्टैक के माध्यम से इस महान कलाकार को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है और उनके योगदान को याद किया है।

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