सोमालिया के समुद्री डाकुओं ने एक बार फिर कहर मचाया है। उन्होंने ‘Honour 25’ नाम के ऑयल टैंकर को अगवा कर लिया है, जिसमें 11 पाकिस्तानी नाविक और एक इंडोनेशियाई कप्तान समेत कुल 17 लोग सवार थे। यह घटना उस समय हुई है जब दुनिया का ध्यान अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध पर टिका है, जिसका फायदा अब समुद्री डाकू उठा रहे हैं।

Honour 25 जहाज के साथ क्या हुआ और नाविकों की स्थिति क्या है?

21 अप्रैल 2026 को सोमालिया के तट से करीब 30 समुद्री मील दूर छह हथियारबंद डाकुओं ने इस जहाज को अपने कब्जे में ले लिया। डाकुओं ने नाविकों को छोड़ने के लिए 7 मिलियन डॉलर की भारी-भरकम फिरौती मांगी है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है जिसमें पाकिस्तानी नाविकों को बहुत तंग और खराब हालातों में कैद दिखाया गया है, जिसे देखकर उनके परिवार काफी चिंतित हैं।

सरकारी अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां क्या कह रही हैं?

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने बताया कि सरकार सोमालिया के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और उन्हें विश्वास है कि नाविक सुरक्षित हैं। वहीं, यूरोपीय संघ की नौसेना (EU Navfor) ने पुष्टि की है कि वे ‘Honour 25’ और 26 अप्रैल को पकड़े गए ‘Sward’ नामक व्यापारी जहाज पर नजर रख रहे हैं। Joint Maritime Information Centre (JMIC) ने इस इलाके में समुद्री डकैती के खतरे के स्तर को ‘लो’ से बढ़ाकर ‘सबस्टेंशियल’ कर दिया है।

समुद्री डकैती के मामले दोबारा क्यों बढ़ गए हैं?

EU Navfor का मानना है कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के युद्ध की वजह से सैन्य ताकतें दूसरी दिशा में मुड़ गई हैं। इस वजह से समुद्री सुरक्षा में कमी आई है और डाकू समूहों को मौका मिल गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के बंद होने और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी ने इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है, जिससे दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग रास्तों पर खतरा बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जहाज से कितने नाविक अगवा हुए हैं?

कुल 17 नाविक बंधक बनाए गए हैं, जिनमें 11 पाकिस्तानी नागरिक और एक इंडोनेशियाई कप्तान शामिल हैं।

समुद्री डाकुओं ने रिहाई के लिए कितनी रकम मांगी है?

सोमाली डाकुओं ने नाविकों की सुरक्षित रिहाई के बदले 7 मिलियन डॉलर की फिरौती मांगी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.