सोमालिया का पुंटलैंड इलाका इस वक्त भीषण सूखे और भूख की चपेट में है। हालात इतने खराब हैं कि वहां के लोगों के पास न पीने को पानी बचा है और न खाने को अनाज। सबसे बड़ी चिंता यह है कि ईरान युद्ध की वजह से खाने-पीने की चीजों और ईंधन के दाम बहुत बढ़ गए हैं, जिससे आम लोग और भी ज्यादा मुश्किलों में फंस गए हैं।

पुंटलैंड में भूख और सूखे के क्या हालात हैं?

सोमालिया के पुंटलैंड इलाके में पिछले तीन मौसमों से बारिश नहीं हुई है, जिससे वहां पानी के सारे गड्ढे सूख चुके हैं और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 65 लाख लोग इस समय गंभीर भूख का सामना कर रहे हैं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है। Save the Children के डायरेक्टर मोहमुद मोहम्मद हसन ने बताया कि विदेशी मदद में कटौती की वजह से वहां के 200 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्र और 400 स्कूल बंद करने पड़े हैं।

ईरान युद्ध का सोमालिया पर क्या असर पड़ा?

मिडल ईस्ट में चल रहे संकट और ईरान युद्ध की वजह से सोमालिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। Strait of Hormuz के बंद होने से मानवीय मदद पहुंचाने वाले जहाजों में देरी हो रही है और सामान पहुंचने में दो महीने तक का समय लग रहा है। इससे न केवल खाने की कमी हुई है, बल्कि दवाइयां और पोषण संबंधी खाद्य पदार्थ भी समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।

विवरण बढ़ोतरी/कमी
ईंधन की कीमतें (Fuel Prices) 150% वृद्धि
खाद्य वस्तुओं की कीमतें (Food Commodities) 20-30% वृद्धि
UN मानवीय बजट (2023 से अब तक) $2.6 बिलियन से घटकर $852 मिलियन
बजट प्राप्ति (इस वर्ष का लक्ष्य) केवल 13% जुटाया गया

UN और WFP की मदद में कितनी कमी आई है?

World Food Programme (WFP) के सहायक कार्यकारी निदेशक मैथ्यू हॉलिंगवर्थ ने चेतावनी दी है कि उनके पास संसाधनों की भारी कमी है। इस समय WFP केवल 10 में से एक जरूरतमंद व्यक्ति तक ही मदद पहुंचा पा रहा है। अगर तुरंत फंड नहीं मिला, तो जुलाई तक आपातकालीन सहायता पूरी तरह बंद हो सकती है। WFP ने अगस्त 2026 तक अपने ऑपरेशन्स चलाने के लिए 95 मिलियन डॉलर की अपील की है। पुंटलैंड के उपराष्ट्रपति इलियास उस्मान लुगाटूर ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीधी मदद की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सोमालिया में खाने-पीने की चीजें इतनी महंगी क्यों हो गई हैं?

ईरान युद्ध और Strait of Hormuz बंद होने से शिपिंग में देरी हो रही है। इससे ईंधन की कीमतों में 150% और खाद्य पदार्थों में 20-30% तक की बढ़ोत्तरी हुई है।

पुंटलैंड में कितने लोग भूख से प्रभावित हैं?

लगभग 65 लाख लोग इस समय गंभीर भूख (Crisis-level hunger) का सामना कर रहे हैं, जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है।