Somalia और Yemen के पास हाईजैक हुए दो जहाज, भारतीय हाई कमीशन ने कन्फर्म किया कि 22 नाविक सुरक्षित हैं.

सोमालिया और यमन के समुद्री इलाकों में समुद्री लुटेरों द्वारा दो अलग-अलग जहाजों को बंधक बनाए जाने की बड़ी घटना सामने आई है। इस खतरनाक हाईजैकिंग की घटना के बाद भारतीय समुदाय और नाविकों के परिवारों में भारी चिंता का माहौल बन गया था। गल्फहिंदी की इस रिपोर्ट में जानिए पूरी बात विस्तार से। राहत की बात यह है कि भारतीय हाई कमीशन ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को यह आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि इन दोनों घटनाओं में फंसे कुल 22 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारतीय अधिकारियों ने इस मामले में सोमालिया के स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क साध लिया है ताकि सभी नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।
विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि और अधिकारियों की कार्रवाई
भारत के विदेश मंत्रालय यानी MEA के प्रवक्ता रंधिर जैसवाल ने सभी 22 भारतीय नागरिकों के सुरक्षित होने की बात पर मुहर लगा दी है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय लगातार संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के साथ संपर्क में बना हुआ है ताकि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा सके। इसके अलावा शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इन दोनों जहाजों के हाईजैक होने की पुष्टि कर दी है। जिस एजेंसी के जरिए एक जहाज के नाविकों को नौकरी पर भेजा गया था, उस एजेंसी यानी S.K.S. Krishi Marine Services (Opc) Private Limited को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत ई-नाविक मरीन कैजुअल्टी रिपोर्टिंग सिस्टम के माध्यम से पूरी घटना की रिपोर्ट जमा करें।
किन जहाजों को बनाया गया निशाना और क्या है पूरी स्थिति
यह पूरी घटना दो अलग-अलग विदेशी झंडे वाले जहाजों के साथ घटी है। पहली घटना 20 अगस्त 2026 को अदन की खाड़ी में हुई, जहां इरिट्रिया के झंडे वाले ऑयल टैंकर MT Sibu 1 को छह हथियारबंद लुटेरों ने यमन के तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर अपने कब्जे में ले लिया। इस टैंकर पर कुल 20 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 16 भारतीय नागरिक हैं। इससे पहले 17 अगस्त 2026 को कैमरून के झंडे वाले कार्गो शिप MV Lutuf को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास मरियाया से लगभग 3.5 नॉटिकल मील दूर आठ सशस्त्र लुटेरों ने हाईजैक कर लिया था। इस जहाज पर कुल 10 नाविक मौजूद थे, जिनमें 6 भारतीय शामिल थे।
वर्तमान स्थिति यह है कि दोनों ही जहाजों से किसी भी तरह का लोकेशन डेटा आगे नहीं मिल पा रहा है, जिसकी मुख्य वजह यह मानी जा रही है कि लुटेरों ने जहाजों के ट्रांसपॉन्डर बंद कर दिए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी नाविक के घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई है। सोमालियाई पानी और अदन की खाड़ी के पास समुद्री लुटेरों की गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो समुद्र के रास्ते सफर करने वाले लोगों और नाविकों के लिए एक चिंता का विषय बनता जा रहा है।